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New Rule: आज से देशभर में 4 लेबर कानून लागू,जाने क्या पड़ेगा इसका असर ?

 
New Rule: आज एक अप्रैल से देशभर में 4 लेबर कानून लागू हो रहे हैं। श्रमिक व यूनियन इसको लेकर विरोध कर रही हैं। श्रमिकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इस कानून को वापस लेने की मांग की।

जानकारी के मुताबिक, सीआईटू के हिसार जिलाध्यक्ष ने बताया कि आज हिसार जिले के सभी ब्लॉक में प्रदर्शन किया जा रहा है। आज ट्रेड यूनियनों की तरफ से प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। सरकार जो 44 श्रम कानूनों को लेकर जो 4 नए लेबर कानून लेकर आई है। Haryana News

12 घंटे काम 

मिली जानकारी के अनुसार, यह लेबर कानून मजदूरों को सीधा-सीधा मालिकों का गुलाम बनाता है। कामरेड सुरेश ने बताया कि इसमें 8 के बजाय 12 घंटे काम का कानून बनाया गया है। यूनियन बनाने का अधिकार तक खत्म कर दिया है। यह कानून कारखानों के मालिकों के लिए मजदूरों के लिए नहीं है।

जानिए क्या हैं 4 लेबर कानून

जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर चार नई संहिताएं लागू की हैं। इसमें मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य व कार्य परिस्थितियां संहिता 2020। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, इनका उद्देश्य वेतन, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़े नियमों को एकीकृत करना है। सरकार का दावा है कि इससे श्रम कानून सरल होंगे, सभी श्रमिकों को एक ढांचे में लाया जाएगा और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ेगा।

जानकारी के मुताबिक, मजदूर संगठन इन कानूनों का विरोध इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि इनके अनुसार इससे नौकरी की सुरक्षा कमजोर होती है और छंटनी आसान हो जाती है। स्थायी रोजगार की जगह ठेका व फिक्स्ड टर्म नौकरी बढ़ेगी। यूनियन बनाना और हड़ताल करना कठिन हो गया है। काम के घंटे बढ़ने और न्यूनतम मजदूरी तय करने में मनमानी का खतरा है। Haryana News

छोटे संस्थानों को कानून से बाहर रखने से कई मजदूर सुरक्षा से वंचित रह सकते हैं। साथ ही PF, ESI जैसी सामाजिक सुरक्षा भी कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है।