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 *जिला के दस सरकारी स्कूलों में नवाचार की नई शुरुआत: अटल टिंकरिंग लैब प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन*

 

*बहादुरगढ़, 18 जुलाई।* गांव नूना माजरा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में 10 सरकारी विद्यालयों में स्थापित अटल टिंकरिंग लैब के प्रभावी संचालन के लिए आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डीईओ रतिंद्र सिंह ने किया था, जबकि सीएमजीजीए खुशी कौशल ने प्रशिक्षण के दौरान कार्यशाला का अवलोकन कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग हरियाणा व समग्र शिक्षा हरियाणा परिषद के निर्देशानुसार जिला के 10 सरकारी विद्यालयों में स्थापित अटल टिंकरिंग लैब के प्रभावी संचालन के उद्देश्य से 15 से 18 जुलाई तक यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन जिला परियोजना समन्वयक अनिल शर्मा की देखरेख में हुआ।

*विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, रचनात्मक सोच विकसित करना विभाग की प्राथमिकता* 

डीईओ रतिंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, रचनात्मक सोच एवं 21वीं सदी के कौशल विकसित करना विभाग की प्राथमिकता है। 

उन्होंने बताया कि अटल टिंकरिंग लैब विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा को निखारने का प्रभावी मंच है।

उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों से अटल टिंकरिंग लैब को नवाचार, अनुसंधान एवं रचनात्मक शिक्षा का प्रभावी केंद्र बनाने का आह्वान किया।

*विद्यार्थियों में नवाचार करने की क्षमता विकसित करना वर्तमान समय की जरूरत: सीएमजीजीए*

प्रशिक्षण अवधि के दौरान सीएमजीजीए खुशी कौशल ने कार्यशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों के साथ डिजाइन थिंकिंग विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में 

विद्यार्थियों को केवल उत्तर याद करवाने के बजाय उनमें समस्याओं का समाधान खोजने और नवाचार करने की क्षमता विकसित करना आवश्यक

 है। उन्होंने बताया कि अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से छात्र-छात्राओं को रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कोडिंग, 3डी प्रिंटिंग एवं डिजाइन थिंकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

*शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी उपकरणों के उपयोग में दक्ष बनाना ही कार्यशाला का एकमात्र लक्ष्य*

जिला विज्ञान विशेषज्ञ जसबीर दलाल ने बताया कि प्रशिक्षण में संबंधित विद्यालयों तथा सभी पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं अटल टिंकरिंग लैब प्रभारी शिक्षकों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी उपकरणों के उपयोग में दक्ष बनाना है, ताकि वे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता तथा समस्या समाधान क्षमता का प्रभावी विकास कर सकें।

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर आकाश ने प्रतिभागियों को 3डी प्रिंटर, रोबोटिक्स किट, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट्स, डिजिटल मल्टीमीटर, ब्रेड बोर्ड, एलईडी, बैटरी सहित विभिन्न आधुनिक उपकरणों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही इन संसाधनों का उपयोग विज्ञान एवं गणित की कक्षाओं को अधिक प्रयोगात्मक और प्रभावी बनाने के तरीकों की भी जानकारी दी।

**इन अधिकारियों की रही विशेष भूमिका*

चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीपीसी अनिल शर्मा के अलावा रिसोर्स पर्सन के रूप में मदन सिंह, पुनीता चौधरी एवं वंदना भारद्वाज ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।