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LPG Crisis: हरियाणा में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी पर लाइसेंस होंगे रद्द, CM सैनी ने जारी किए निर्देश 

 
LPG Crisis: हरियाणा सरकार और पेट्रोलियम एजेंसियों ने वितरकों को पेट्रोल, डीजल और गैस सिलिंडर की आपूर्ति पर निगरानी बढ़ा दी है, अब वितरकों को जितनी जरूरत है उतनी ही एजेंसियां सप्लाई दे रही हैं। हालांकि, बैठक में एजेंसियों ने अपने पास आने वाले स्टॉक की आपूर्ति प्रभावित नहीं होने का दावा किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को आवास में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्बाध आपूर्ति और कालाबाजारी पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए हैं।

सीएम सैनी ने राज्य के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और जिला खाद्य एवं आपूर्ति व आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेशभर में कोई एजेंसी या पंजीकृत वितरक गैस सिलिंडर की कालाबाजारी करते पकड़ा जाए तो उसके लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से रद्द करें। राज्य सरकार ने पब्लिक से एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की।

बैठक के दौरान ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा जारी दिशा निर्देशों के आधार पर आपूर्ति पर काम जारी है। अभी तक पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है, उनके पास पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध हैं। कंपनियों को भी गैस की आपूर्ति पहले की तरह मिल रही है।

वाणिज्य सिलिंडर की आपूर्ति बाधित

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वाणिज्य सिलिंडरों की आपूर्ति में अस्थाई रूप से बाधा आ रही है। वाणिज्य सिलिंडरों की आपूर्ति में प्राथमिकता शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को दी जा रही है, जबकि शेष आपूर्ति को पूरा करने में ऑयल कंपनियां जुटी हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस तरह उद्योगों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर संकट गहरा सकता है।

एजेंसियों ने वितरकों की आपूर्ति पर ऐसे बढ़ाई निगरानी

भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की तरफ से प्रदेशभर में 82 फीसदी पेट्रोल, डीजल और गैस सिलिंडरों की आपूर्ति की जाती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदेशभर में अभी तक एजेंसियों को आने वाली आपूर्ति में कमी नहीं आई है, लेकिन एजेंसियों से वितरक आपूर्ति देने में निगरानी बढ़ाई है। उदाहरण के तौर पर पहले किसी जिले में वितरक द्वारा एक हजार सिलिंडर मांगने पर 1200 तक दे दिए जाते थे, ताकि बिक्री बढ़ाई जा सके। वर्तमान में वितरक के बिक्री रिकॉर्ड के अनुसार ही सिलिंडर दिए जा रहे हैं।

खाद्य एवम आपूर्ति विभाग ने जारी की एडवाइजरी

खाद्य एवम आपूर्ति विभाग की तरफ से पेट्रोल, डीजल और सिलिंडरों की आपूर्ति कम होने को लेकर अफवाह ना फैलाने की एडवाइजरी जारी की है। विभाग के अनुसार सभी जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रकों को भी निर्देश दिए गए हैं। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को नजरअंदाज करें। सभी जिलों में पेट्रोल, डीजल व गैस की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है।

एलपीजी का तीन से सात दिन का है स्टॉक 

घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) को लेकर मची खलबली के बीच हरियाणा में रसोई गैस के स्टॉक के आंकड़े सामने आए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक कुछ कंपनियों के पास सीमित भंडार बचा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के पास सबसे कम गैस स्टॉक बचा है, जो मौजूदा खपत के हिसाब से केवल सिर्फ साढ़े तीन दिन तक चल सकता है। आईओसी की दैनिक घरेलू खपत लगभग 1,310 मीट्रिक टन है। कंपनी के पास फिलहाल 2,966 मीट्रिक टन गैस स्टॉक में है, जबकि 1,624 मीट्रिक टन गैस ट्रांजिट में बताई गई है। 

वहीं, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसी) की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। कंपनी की दैनिक घरेलू खपत 911 मीट्रिक टन है और इसके पास 4,238 मीट्रिक टन गैस का भंडार मौजूद है। साथ ही 2,213 मीट्रिक टन गैस ट्रांजिट में है, जिससे मौजूदा स्टॉक लगभग 7.1 दिन तक चल सकता है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसी) के आंकड़ों के मुताबिक इसकी दैनिक घरेलू खपत 832 मीट्रिक टन है। कंपनी के पास 4,232 मीट्रिक टन गैस स्टोर में है, जबकि 600 मीट्रिक टन गैस ट्रांजिट में है। 

इस आधार पर एचपीसी के पास लगभग 5.8 दिन का स्टॉक उपलब्ध है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों के पास ट्रांजिट में मौजूद गैस के पहुंचने के बाद आपूर्ति की स्थिति और बेहतर हो सकती है। हालांकि आईओसी के कम स्टॉक को देखते हुए आपूर्ति प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है।