पद का नहीं, सद्भाव और सरलता का होना चाहिए अहंकार रहित जीवन : ज्ञानानंद महाराज
भिवानी। स्थानीय दिनोद गेट स्थित सूर्या बैंकट सभागार में आयोजित तीन दिवसीय दिव्य गीता संदेश कार्यक्रम के अंतर्गत गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने गीता के तीन प्रमुख योगों का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य को जीवन में कभी भी पद, प्रतिष्ठा या अधिकार का अहंकार नहीं करना चाहिए। व्यक्ति का वास्तविक सम्मान उसकी सरलता, सहजता, विनम्रता और श्रेष्ठ आचरण से होता है। उन्होंने कहा कि गीता का संदेश केवल धार्मिक ग्रंथ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति को संतुलित, सकारात्मक और आनंदमय जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता अमृत मनुष्य को हर परिस्थिति में मुस्कुराते रहने का संदेश देती है। उन्होंने संत मीरा का उदाहरण देते हुए कहा कि मीरा ने विष का प्याला भी मुस्कुराते हुए स्वीकार किया, लेकिन अपने आराध्य के प्रति उनकी भक्ति कभी कम नहीं हुई। उसी प्रकार जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां, संकट या विपरीत परिस्थितियाँ आएँ, व्यक्ति को घबराने के बजाय धैर्य, विश्वास और आत्मबल के साथ उनका सामना करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मीरा ने गीता के तत्वों को अपने जीवन में उतारा था, इसलिए वह हर परिस्थिति में अडिग रहीं। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम भी गीता के सार और उसके जीवन मूल्यों को समझें तथा उन्हें अपने व्यवहार में अपनाएँ। उन्होंने कथा वाचकों से भी आग्रह किया कि वे केवल कथाओं का वर्णन ही न करें, बल्कि उनके पीछे छिपे जीवनोपयोगी तत्वों को भी समाज तक पहुँचाएँ।
ज्ञानानंद महाराज ने कमल के फूल का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार कीचड़ में खिलकर भी कमल अपनी सुंदरता, पवित्रता और आकर्षण बनाए रखता है, उसी प्रकार मनुष्य को भी विपरीत परिस्थितियों में अपने चेहरे की मुस्कान, सकारात्मक सोच और सद्भाव बनाए रखना चाहिए। ऐसा व्यक्तित्व स्वयं लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
उन्होंने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि उसके मूल में पुत्र मोह और सत्ता का मोह था। इन दोनों शक्तियों ने विनाश का मार्ग प्रशस्त किया। इसलिए मनुष्य को मोह, अहंकार और स्वार्थ का त्याग कर प्रेम, सद्भाव, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। यही श्रीमद्भगवद्गीता का वास्तविक संदेश है और यही मानव जीवन को सफल एवं सार्थक बनाने का सर्वोत्तम मार्ग है।
इस अवसर पर महंत चरणदास महाराज, मुख्य अतिथि एवं पूर्व आई जी दयानंद बेनिवाल, स्वामी वैदिक देव महाराज, डॉ मार्कण्डेय आहूजा,जितेंद्र धारेड़ू, सीबीएलयू कुलपति दीप्ति धर्मानी, हरियाणा अनुसूचित जाति राज्य चेयरमैन, बिजेन्द्र बड़ गुर्जर, एडवोकेट शिवरतन गुप्ता, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड चेयरमैन शंकर धूपड, हिसार से दयानंद ग्रेवाल, जवाहरलाल मिताथल, डॉ विक्रम,ल सिंह, हंसराज गुलाटी, विनोद, अजय सर्राफ, सुनील सर्राफ, रमन जैन, शैलेंद्र जैन, सचिन जैन, लिटिल हॉट्स पब्लिक स्कूल एमडी पवन गोयल, प्रेम धमीजा, सतीश शाहपुर, शशि चौधरी, डॉ विनोद अंचल, डॉ अनीता अंचल,नरेश आहूजा,वीरेंद्र कौशिक, पूर्व विधायक डॉक्टर शिव शंकर भारद्वाज, बीजेपी जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक, नीमा संरक्षक डॉक्टर आर बी गोयल,डॉ मुरलीधर शास्त्री, नीमा प्रधान डॉक्टर राजेश शर्मा, ओपी नंदवानी,विजय बंसल टैनी, श्री भगवान वशिष्ठ, नरेश गर्ग, जेई जावला, दर्शन मिड्ढा, संजय कामरा, सुरेश शर्मा, डॉ प्रवीण अंचल, डॉ नवीन अंचल, खुशहाल ग्रोवर, विनोद छाबड़ा, आत्म प्रकाश टुटेजा, चंद्र प्रकाश डेरी वाला, हरिकेश पंघाल, सुरेश सैनी, कमल प्रधान, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन अध्यक्ष रामअवतार शर्मा, डॉक्टर एन के गर्ग, नंदकिशोर अग्रवाल, आशा पाहुजा, पवन मैदान सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।