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निपुण वाटिका के माध्यम से लर्निंग को रूचिकर व आसान बनाया गया है :- शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा

 - विद्यार्थी निपुण वाटिका में खेल-खेल में रूचि लेकर सीख रहे है
- निपुण वाटिका व सुपर-40 की प्रशासन की पहलें है बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव
- शिक्षा मंत्री ने खरावड़ स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में निपुण वाटिका का किया उद्घाटन

 

रोहतक, 8 मई : हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चें मेधावी एवं प्रतिभाशाली है। अध्यापक वर्ग इन बच्चों को अपनी मेहनत से सही दिशा देने का कार्य कर रहे है। जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने निपुण वाटिका के माध्यम से लर्निंग कार्य का रूचिकर व आसान बना दिया है। विद्यार्थी खेल-खेल में रूचि लेकर सीख रहे है।

महिपाल ढांडा जिला के गांव खरावड़ स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में स्थापित की गई निपुण वाटिका का विधिवत उद्घाटन करने के उपरांत विद्यार्थियों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित भी किया। इस अवसर पर उपायुक्त सचिन गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार भी उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री ने जिला में शुरू की गई निपुण वाटिका व सुपर-40 की पहलों के लिए उपायुक्त सचिन गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अधिकारियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है।

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने निपुण वाटिका का निरीक्षण करते हुए लर्निंग को रूचिकर और आसान बनाने के लिए किए गए प्रबंधों का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उनकी पढ़ाई, गतिविधियों और रुचियों के बारे में जानकारी ली। निपुण वाटिका में अबेकस, समूह बनाना, पहाड़े, त्रिभुज, वर्ग, आयत, बढ़ता व घटता क्रम, ऊंचाई मापना, आकृतियां बनाना, सम व विषम संख्या को पहचानना, मात्राओं का ज्ञान, देश का मानचित्र, स्वर, व्यंजन, अक्षर ज्ञान आदि को डिजिटल रूप से पढ़ाया जा रहा है। इससे बच्चें रूचि लेकर इन गतिविधियों को सीख रहे है।


महिपाल ढांडा ने कहा कि उन्हें इस विद्यालय में पहुंचकर विद्यार्थियों के समझने के स्तर को देखकर प्रसन्नता हुई। महिपाल ढांडा चौथी कक्षा के विद्यार्थी तनिश द्वारा भगवान श्री कृष्ण के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक कविता सुनकर काफी खुश हुए तथा विद्यार्थियों की प्रतिभा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों में संस्कार, आत्मविश्वास और नैतिक शिक्षा का विकास अत्यंत आवश्यक है।


शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। निपुण भारत मिशन के माध्यम से बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाया जा रहा है ताकि प्रारंभिक स्तर से ही विद्यार्थियों में पढ़ने, लिखने और समझने की क्षमता विकसित हो सके। उन्होंने अध्यापकों से भी आह्वान किया कि वे बच्चों को रचनात्मक एवं व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करें ताकि विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी आत्मसात कर सकें।


निपुण वाटिका और सुपर-40 जैसी प्रशासन की पहलें बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की है मजबूत नींव : शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश के प्रतिभाशाली बच्चों की क्षमता को बचपन से ही सही दिशा और उचित वातावरण देकर निखारा जाए। इसी उद्देश्य के तहत प्रदेश में निपुण वाटिका और सुपर-40 जैसी अभिनव पहलें बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाना, लिखना सिखाना और उनकी झिझक को दूर करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि निपुण वाटिका के माध्यम से बच्चों को प्रेम, सहजता और रचनात्मक वातावरण में दक्ष बनाया जा रहा है, जिससे शिक्षा उन्हें बोझ नहीं बल्कि आनंद का माध्यम लगे।

महिपाल ढांडा ने कहा कि सुपर-40 कार्यक्रम के प्रति विद्यार्थियों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है, जो बच्चे पहले सुपर-100 में शामिल नहीं हो पा रहे थे, वे अब सुपर-40 के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं। विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या इस पहल की सफलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक अपने अतिरिक्त समय और समर्पण से विद्यार्थियों को हर क्षेत्र में निपुण बनाने का कार्य कर रहे हैं, जो वास्तव में अतुलनीय और प्रेरणादायक है।


एक प्रश्न के उत्तर में शिक्षा मंत्री ने कहा रोहतक प्रशासन द्वारा सुपर-100 की तर्ज पर शुरू किए गए सुपर-40 कार्यक्रम को सरकार की ओर से हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपायुक्त सचिन गुप्ता, एडीसी नरेंद्र कुमार, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, क्लस्टर इंचार्ज तथा शिक्षकों ने इस पहल को सफल बनाने के लिए अथक मेहनत की है। जब कोई व्यक्ति किसी लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प ले लेता है तो सफलता निश्चित होती है। शिक्षकों ने यह ठाना है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की छिपी अपार प्रतिभा को तराशना है। उन्हें केवल सही दिशा देने की आवश्यकता है और शिक्षक यह जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।


शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे अत्यंत प्रतिभाशाली हैं और यदि उन्हें सही मार्गदर्शन मिले तो वे किसी से कम नहीं हैं। कार्यक्रम के दौरान एक चौथी कक्षा के विद्यार्थी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण पर लंबी कविता का आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुतीकरण इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बच्चों में किसी प्रकार की झिझक दिखाई नहीं दी, जो शिक्षकों के सकारात्मक प्रयासों और स्नेहपूर्ण वातावरण का परिणाम है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के श्रेष्ठ गुरुजन अपनी ऊर्जा और समर्पण से बच्चों को रचनात्मकता एवं सकारात्मकता की ओर अग्रसर कर रहे हैं। यही प्रयास बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।


इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दिलजीत सिंह, एफएलएन समन्वयक रूपांशी हुड्डा, सहित स्कूल का स्टाफ व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
फोटो : 01 से 16