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 नेतृत्व भरोसे से जन्म लेता है": IIM रोहतक में दिल्ली के उपराज्यपाल ने
भविष्य के मैनेजर्स को दिया सफलता का मंत्र

 

 रोहतक, 28 जून

नई दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू (IFS, सेवानिवृत्त) ने
कहा कि "सच्चा नेतृत्व अधिकार से नहीं, बल्कि विश्वास (Trust) से पैदा
होता है।" उन्होंने भविष्य के प्रबंधकों से आह्वान किया कि वे सही निर्णय
क्षमता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ नेतृत्व करें।


वे भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रोहतक में आयोजित PGP-17 बैच के इंडक्शन
एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।


कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस वर्ष PGP-17
बैच में देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से छात्र पहुंचे
हैं। खास बात यह रही कि बैच में करीब 50 प्रतिशत छात्राएं हैं, जो
संस्थान में विविधता और समान भागीदारी को दर्शाता है।


AI का जिम्मेदारी से उपयोग करें, विकसित भारत में दें योगदान


उपराज्यपाल ने कहा कि आज प्रबंधन शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर
में छात्रों को नई सोच के साथ आगे बढ़ना होगा।


उन्होंने प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत-2047' के विजन का उल्लेख करते हुए
कहा कि युवाओं को AI का जिम्मेदारी के साथ उपयोग, वैश्विक सर्वोत्तम
प्रथाओं को अपनाने और भारत को 'विश्वगुरु' बनाने में अपनी भूमिका निभानी
चाहिए।


उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। यदि युवाओं
को सही कौशल और प्रशिक्षण मिले तो भारत दुनिया में सबसे मजबूत
अर्थव्यवस्था बन सकता है।


"मैनेजमेंट अब केवल मुनाफे तक सीमित नहीं"


संधू ने कहा कि आज मैनेजमेंट केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग या उत्पादकता
बढ़ाने तक सीमित नहीं है। अब नेतृत्व का मतलब ऐसे निर्णय लेना है, जहां
सतत विकास (Sustainability) और लाभ (Profitability) के बीच संतुलन बनाना
पड़े।


उन्होंने कहा कि सही निर्णय लेने की क्षमता अलग-अलग विचारों और अनुभवों
से विकसित होती है। किसी भी संस्थान की असली ताकत इस बात में होती है कि
वह छात्रों की सोच को किस प्रकार विकसित करता है।


"लोकल समस्याओं से शुरुआत करें"


छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे परंपरागत सोच से बाहर
निकलें और नए विचारों को जमीन पर उतारने का साहस करें।


उन्होंने कहा, "सबसे पहले अपने आसपास की समस्याओं का समाधान खोजिए।
छोटे-छोटे समाधान ही बड़े बदलाव की नींव रखते हैं। IIM के छात्र होने के
नाते समाज और देश के प्रति आपकी अतिरिक्त जिम्मेदारी है।"


IIM केवल अवसर देता है, सफलता आपकी मेहनत तय करेगी


IIM रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने नए छात्रों और उनके परिवारों का
स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान केवल अवसर प्रदान करता है, लेकिन उन
अवसरों का लाभ उठाना छात्रों की जिम्मेदारी है।


उन्होंने कहा कि आज दुनिया को अक्सर VUCA (Volatile, Uncertain, Complex
and Ambiguous) कहा जाता है, लेकिन अनिश्चितता हमेशा से जीवन का हिस्सा
रही है। भारत ने हर चुनौती का सामना मजबूती से किया है और भविष्य में भी
देश लगातार आगे बढ़ता रहेगा।


छात्रों से संवाद भी किया


भाषण के बाद उपराज्यपाल ने छात्रों के साथ संवाद भी किया। इस दौरान
उन्होंने सुशासन, कूटनीति, नेतृत्व और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती
भूमिका पर अपने विचार साझा किए और छात्रों के सवालों के जवाब दिए।


देश के सबसे बड़े IIM में शामिल है रोहतक


कार्यक्रम के अंत में निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने मुख्य अतिथि और सभी
प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।


वर्तमान में IIM रोहतक में 2,500 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। राष्ट्रीय
महत्व का यह संस्थान AMBA मान्यता प्राप्त है और विश्व के शीर्ष 2
प्रतिशत प्रबंधन संस्थानों में शामिल है। यह देश के सबसे बड़े IIM
संस्थानों में से एक है तथा शिक्षा, शोध, नेतृत्व विकास और नीति निर्माण
के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।