Lab-grown gold: अब जमीन से नहीं बल्कि लैब में बनेगा सोना, जानें कैसे बनाया जता है
Lab-grown gold: आपने लैब में बनने वाले हीरों के बारे में तो सुना ही होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब सोना भी लैब में बनेगा। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि लैब में बना सोना असली होगा या नहीं। क्या इसमें निवेश करना सही रहेगा। आइए जानते हैं इसके बारे में....
क्या होता है लैब-ग्रोन गोल्ड?
लैब-ग्रोन गोल्ड रासायनिक और भौतिक रुप से उसी तरह होता है जैसे जमीन से खनन करके सोना निकाला जाता है। इसमें अंतर सिर्फ इतना है कि इसे धरती से निकालने की बजाय वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में आधुनिक तकनीक की सहायता से तैयार करते हैं। यह गोल्ड प्लेटेड या नकली नहीं होता, बल्कि असली सोना होता है, बस इसका स्रोत अलग होता है।
कैसे तैयार किया जाता है?
लैब में सोना बनाने के दो प्रमुख तरीके हैं...
1. एटॉमिक लेवल तकनीक:
इसमें सोने के परमाणुओं को स्पेशल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है। हालांकि यह तकनीक अभी बहुत महंगी है और बड़े स्तर पर इस्तेमाल नहीं हो रही।
2. रीसाइक्लिंग और रिफाइनिंग तकनीक
स्क्रैप सोने को लैब में आधुनिक प्रक्रियाओं से शुद्ध किया जाता है। इससे उच्च गुणवत्ता वाला सोना तैयार होता है। अभी लैब ग्रोन गोल्ड का उत्पादन शुरुआती चरण में है।