{"vars":{"id": "128336:4984"}}

 करनाल को मिला बड़ा प्रशासनिक सहारा, 159 नए पटवारियों की हुई तैनाती

 करनाल : हरियाणा के करनाल जिले में राजस्व विभाग को बड़ी मजबूती मिली है। लंबे समय से कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहे जिले में अब 159 नए प्रशिक्षित पटवारियों की नियुक्ति की गई है। इनमें 31 महिला पटवारी भी शामिल हैं। नए पटवारियों के जुड़ने से जिले में राजस्व कार्यों में तेजी आने और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
 
 करनाल : हरियाणा के करनाल जिले में राजस्व विभाग को बड़ी मजबूती मिली है। लंबे समय से कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहे जिले में अब 159 नए प्रशिक्षित पटवारियों की नियुक्ति की गई है। इनमें 31 महिला पटवारी भी शामिल हैं। नए पटवारियों के जुड़ने से जिले में राजस्व कार्यों में तेजी आने और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार जिले में कुल 153 स्वीकृत पटवार सर्किल हैं, लेकिन हाल ही में 29 अधिकारियों को तहसील पटवारी और कानूनगो पद पर पदोन्नत किए जाने के बाद केवल 14 पटवारी ही कार्यरत रह गए थे। कुछ दिन पहले तक जिले में कुल 43 पटवारी ही मौजूद थे, जिससे जमीन रिकॉर्ड, इंतकाल और अन्य राजस्व कार्यों पर असर पड़ रहा था। अब 159 नए पटवारियों की नियुक्ति के बाद जिले में कुल संख्या बढ़कर 173 हो गई है। इन सभी नव नियुक्त पटवारियों को करनाल, असंध, इंद्री, नीलोखेड़ी, घरौंडा, निसिंग, बल्ला और निग्धू क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

नव नियुक्त पटवारियों के लिए मंगलवार को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा और अतिरिक्त उपायुक्त राहुल रैया ने उन्हें ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ कार्य करने का संदेश दिया।

उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग आम लोगों से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए पटवारियों की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि जनता के कार्य समय पर और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जाने चाहिए। डीसी ने इस पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहले पटवारी का पद पुरुष प्रधान माना जाता था, लेकिन अब महिलाएं भी इस क्षेत्र में आगे आ रही हैं, जो सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

प्रशासन का मानना है कि नए पटवारियों की नियुक्ति से जिले में लंबित राजस्व मामलों का तेजी से निपटारा होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को काफी राहत मिलेगी।