मानसून से पहले करनाल प्रशासन अलर्ट, यमुना तटबंधों को मजबूत करने के निर्देश
करनाल: मानसून सीजन के नजदीक आते ही जिला प्रशासन ने बाढ़ से बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। करनाल के उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने शनिवार को यमुना नदी क्षेत्र और विभिन्न ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण कर बाढ़ सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को यमुना तटबंधों पर स्टड्स (Studs) लगाने का कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। यह कार्य तटबंधों को मजबूत बनाने और नदी किनारे होने वाले कटाव को रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
डॉ. शर्मा ने दिलावरा, कुंडकला, शेरगढ़ टापू और मैनमती ड्रेन सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों और मानसून के दौरान संभावित बाढ़ एवं जलभराव से निपटने के लिए विभागों की तैयारियों का जायजा लिया। उपायुक्त ने कहा कि यमुना नदी के किनारे बसे गांवों और कृषि भूमि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मानसून शुरू होने से पहले सभी लंबित तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जानी चाहिए। इसके अलावा उपायुक्त ने यमुना नदी के सभी संवेदनशील बिंदुओं की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह कार्यशील रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जल निकासी की व्यवस्था प्रभावी ढंग से की जा सके। प्रशासन का मानना है कि समय रहते किए गए ये इंतजाम मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की समस्याओं को कम करने में मददगार साबित होंगे।