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 शिक्षकों को दिया भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण

 

सिरसा, 10 जुलाई। आर.के.जे. श्रवण एवं वाणी निशक्तजन कल्याण केन्द्र द्वारा जिले के राजकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मुख्य शिक्षक, मौलिक मुख्याध्यापक एवं विशेष अध्यापकों के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा (इंडियन साइन लैंग्वेज-आईएसएल) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से 93 शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को भारतीय सांकेतिक भाषा का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना तथा श्रवण एवं वाणी दिव्यांग विद्यार्थियों के साथ प्रभावी एवं सहज संवाद स्थापित करने के लिए सक्षम बनाना था।

कार्यक्रम का संचालन आरकेजे श्रवण एवं वाणी निशक्तजन कल्याण केन्द्र के सहायक निदेशक विपुल कादियान के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान केन्द्र के आईएसएल प्रशिक्षक अंकित, मोहित तथा इंटरप्रेटर विशाल ने प्रतिभागियों को भारतीय सांकेतिक भाषा के विभिन्न संकेतों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सांकेतिक भाषा के महत्व, उसके प्रभावी उपयोग तथा दिव्यांगजन-अनुकूल संचार प्रणाली के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी भी दी। वहीं श्री शेखर शर्मा सहित केन्द्र के समस्त कर्मचारियों ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने सांकेतिक भाषा के मूलभूत संकेतों का अभ्यास किया और श्रवण एवं वाणी दिव्यांग विद्यार्थियों के साथ संवेदनशील एवं प्रभावी संवाद स्थापित करने की तकनीकों को सीखा। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे विद्यालयों में समावेशी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सहायक निदेशक विपुल कादियान ने कहा कि भारतीय सांकेतिक भाषा का ज्ञान प्रत्येक शिक्षक के लिए उपयोगी है और इसके माध्यम से श्रवण एवं वाणी दिव्यांग विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने पर बल दिया।