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 बढ़ते शहरीकरण को ठोस नीतियों की दरकार: मुख्य सचिव

 

चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि प्रदेश में तेजी से हो रहे शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नीतियों और व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। साथ हीबदलती शहरी चुनौतियों के समाधान के लिए नीतिगत और नियामक ढांचे को समय-समय पर अद्यतन करना भी आवश्यक है।

 

श्री अनुराग रस्तोगी आज पंचकूला में इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्सइंडिया– हरियाणा क्षेत्रीय अध्याय (आईटीपीआई–एचआरसी) द्वारा आयोजित राउंडटेबल चर्चा को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम ‘हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975’ के 51 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया। चर्चा को तीन प्रमुख सत्रों-लीडर्स राउंडटेबलरियल एस्टेट उद्योग राउंड टेबल और प्लानर्स राउंडटेबल में विभाजित किया गया।

 

मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 1975 में लागू यह अधिनियम हरियाणा में नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देने और निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

 

कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियोंनगर नियोजन से जुड़े विशेषज्ञों और रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने  अधिनियम की उपलब्धियोंचुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। चर्चा के दौरान सतत शहरी विकासबुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और बदलती नियामक आवश्यकताओं के अनुरूप अधिनियम को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

 

आईटीपीआई–एचआरसी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम प्रशासनतकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के बीच संवाद का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआजिसमें हरियाणा के शहरी विकास को और सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न सुझाव सामने आए।

 

लीडर्स राउंड टेबल में केंद्र सरकार के औषधि विभाग में संयुक्त सचिव श्री टी.एल. सत्यप्रकाशहरियाणा के नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक श्री अमित खत्रीहरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन के मुख्य आयुक्त श्री टी.सी. गुप्ता और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री एस.एस. ढिल्लों शामिल रहे। इस सत्र का संचालन सेवानिवृत्त मुख्य नगर योजनाकार श्री जसवंत सिंह ने किया।