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  हरियाणा में फूल सी बच्ची का मां बाप ने छोड़ा हाथ, दादी ने भी ठुकराया साथ, जानें अब क्या होगा ?

 
 

बड़े पत्थरदिल निकले मां-बाप, फूल सी बच्ची का छोड़ा साथ कहते हैं कि मां की गोद बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित जगह होती है, लेकिन डेढ़ साल की हरप्रीत के नसीब में यह सुख नहीं रहा।

शुक्रवार को अंबाला सिटी स्थित बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) कार्यालय में काउंसिलिंग के दौरान माता-पिता ने बच्ची को अपने पास रखने में असमर्थता जताई, वहीं दादी ने भी आर्थिक तंगी का हवाला देकर जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया।

आखिरकार, बच्ची की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीडब्ल्यूसी टीम ने उसे फिलहाल कैथल के शिशु गृह भेज दिया है।


शुक्रवार को जिला बाल कल्याण समिति के सामने बेहद भावुक और दिल दहला देने वाला दृश्य देखने को मिला।

बच्ची की मां नीमा शर्मा और पिता बलविंद्र सिंह, बच्ची को अपनाने की बजाय एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आए।

जब बच्ची को दादी के पास रखने की बात आई तो उन्होंने भी अपनी मजबूरी जाहिर करते हुए कहा कि अगर बेटा खर्च नहीं उठाएगा तो वह बच्ची का पालन-पोषण कैसे करेंगी।

परिजनों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण समिति को हस्तक्षेप करते हुए निर्णय लेना पड़ा। 

जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल को मां नीमा शर्मा पावटा साहिब से आकर डेढ़ साल की हरप्रीत को नारायणगढ़ में एक जूते की दुकान पर छोड़कर चली गई थी। काफी देर तक जब कोई बच्ची को लेने नहीं आया तो दुकान संचालक ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें एक महिला बच्ची को छोड़ते हुए दिखाई दी। जांच के बाद पुलिस ने महिला की पहचान कर उसे थाने बुलाया। इसके बाद बच्ची को नारायणगढ़ के वात्सल्य केंद्र में अस्थायी रूप से रखा गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्ची के परिजनों को अंबाला सिटी सीडब्ल्यूसी कार्यालय में बुलाया गया, लेकिन वहां भी कोई समाधान नहीं निकल पाया। 

इंस्पेक्टर ललित, थाना प्रभारी नारायणगढ़ के अनुसार, “बच्ची के परिजनों के बीच उसे रखने को लेकर सहमति नहीं बन सकी है, इसलिए फिलहाल बच्ची को कैथल के शिशु गृह भेजा गया है और परिजनों की काउंसिलिंग जारी है।”


वहीं, सीडब्ल्यूसी अंबाला की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा ने बताया कि माता-पिता और दादी बच्ची को रखने में सहज नहीं थे, इसलिए उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे शिशु गृह भेजा गया है। साथ ही, आगे चलकर बच्ची को गोद देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।