{"vars":{"id": "128336:4984"}}

हरियाणा के नारायणगढ़ में स्थापित होगा आईएमटी, किसानों ने सरकार द्वारा तय दरों पर भूमि देने पर जताई सहमति

 
चंडीगढ़, 29 अप्रैल - हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने नारायणगढ़ में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस पहल से न केवल क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी, बल्कि प्रदेश को औद्योगिक दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाने में भी मदद मिलेगी।

इस संबंध में बुधवार को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से यहां नारायणगढ़ क्षेत्र के किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और बैठक में हिस्सा लिया। आईएमटी के लिए किसानों से भूमि की दरों में संबंध में विस्तार से चर्चा की गई और किसानों ने सरकार द्वारा तय की गई दरों पर सहमति जताई। इससे आईएमटी के लिए नारायणगढ़ में लगभग 450 एकड़ भूमि उपलब्ध होगी। आईएमटी स्थापना की प्रक्रिया प्रारंभ होने पर किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उनका मुंह मीठा कर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने किसानों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंबाला में पहले से ही आईएमटी विकसित करने का कार्य तेज गति से चल रहा है। अब नारायणगढ़ में भी आईएमटी विकसित होने से इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। गुरुग्राम की तर्ज पर अंबाला क्षेत्र को भी आधुनिक और विकसित औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आईएमटी से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्होंने बतौर वित्त मंत्री बजट में घोषणा की थी कि प्रदेश में 10 इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) स्थापित किए जाएंगे, जिनमें से मानेसर, बावल, रोहतक, फरीदाबाद, सोहना और खरखौदा में पहले ही आईएमटी विकसित किए जा रहे हैं। मिक्सी उद्योग एवं चिकित्सा उपकरण निर्माण के लिए प्रसिद्ध अंबाला अब 2 नए आईएमटी के माध्यम से अपनी औद्योगिक पहचान को और सुदृढ़ करेगा।

नारायणगढ़ में आईएमटी की स्थापना के साथ ही मुख्यमंत्री ने अपने 2025-26 के बजट अभिभाषण में की गई घोषणाओं को एक वर्ष के भीतर धरातल पर उतारकर यह सिद्ध कर दिया है कि उनकी नीतियां केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि क्रियान्वयन में भी उतनी ही प्रभावी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते हुए हरियाणा सरकार भी विकसित हरियाणा बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार स्पष्ट विज़न है हर क्षेत्र का संतुलित  विकास सुनिश्चित करना।

इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील सारवान, उपायुक्त अंबाला श्री अजय सिंह तोमर, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल के अलावा, हरियाणा से आए किसानों में पूर्व चेयरमैन पवन गुर्जर, रणबीर सिंह सरपंच, राकेश, मुकेश कुमार, फकीर चंद, धनीराम, विक्की, गफ्फर नसीम, कृष्ण अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।