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हरियाणा में अगर आपने भी नहीं भरा चालान, तो जल्द आपकी प्रॉपर्टी सील कर निगम कर सकता है नीलाम

 
Naya Haryana : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के गुरुग्राम में अब नगर निगम सख्त कड़े एक्शन मोड में है। जानकारी के मुताबिक, अगर आपने नगर निगम गुरुग्राम की ओर से काटे गए चालान का भुगतान अब तक नहीं किया है, तो अब कार्रवाई तय है। निगम ने बकाया चालानों की वसूली के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है।

मिली जानकारी के अनुसार, इसमें संपत्तियों को सील करने से लेकर नीलामी तक की प्रक्रिया शामिल है, ताकि बकाया राशि की रिकवरी सुनिश्चित की जा सके। नगर निगम गुरुग्राम ने ऐसे सभी लोगों की पहचान शुरू कर दी है। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, जिन्होंने GRAP या अन्य नियमों के उल्लंघन पर चालान होने के बावजूद भुगतान नहीं किया। निगम अधिकारियों के अनुसार, बकाया धारकों की सूची तैयार की जा रही है और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

जिम्मेदारी तय

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को हुई बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चालान वसूलना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने चालान काटे हैं, वही उसकी रिकवरी सुनिश्चित करेंगे। इस काम में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। Haryana News

संपत्ति सील और नीलामी

जानकारी के मुताबिक, निगम अब बकाया चालान नहीं भरने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनकी संपत्तियों को सील करने और जरूरत पड़ने पर नीलामी की कार्रवाई करने की योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य राजस्व वसूली को प्रभावी बनाना है। Haryana News

नए एस्टीमेट पर रोक

मिली जानकारी के अनुसार, बैठक में विकास कार्यों को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। निगमायुक्त ने कहा कि नए कार्यों के लिए एस्टीमेट बनाने से पहले पूरी जानकारी दी जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि कार्य की आवश्यकता क्यों है। बिना आवश्यकता कोई नया एस्टीमेट तैयार नहीं किया जाएगा।

लंबित कार्य

जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पहले से स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। अधूरे कार्यों को लंबित रखना अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, म्हारी सड़क, रोड एथीना और CHS पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निपटारे के निर्देश दिए गए। निगमायुक्त ने कहा कि नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता दी जाए और देरी पर जवाबदेही तय होगी।