Honor killing: अपने प्रेमी से शादी करना चाहती थी युवती, पिता और भाई ने घोंट दिया गला और फिर...
Jun 10, 2025, 11:21 IST
Honor killing: हरियाणा के गुरुग्राम की एक महिला Executive को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बताया जा रहा है कि युवती की हत्या उसके पिता और भाई ने मिलकर की थी। इसके बाद उसके शव को जंगल में जाकर जला दिया था। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले के सभी आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है। दरअसल, यूपी के मुजफ्फरनगर के एक जंगल में एक महिला का जला हुआ शव मिला था। इसी मामले में पुलिस ने महिला के पिता और भाई को अरेस्ट कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सरस्वती मालियान (23) गुड़गांव में एक ई-कॉमर्स एमएनसी में काम करती थी। वह ऑर्डर और लास्ट-माइल डिलीवरी संभालती थी। इसी बीच वह अपने गांव के एक व्यक्ति अमित के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। पुलिस ने कहा कि उसके पिता राजवीर सिंह (55) और भाई सुमित सिंह( 24) ट्रक ड्राइवर है। दोनों ने सरस्वती को घर बुलाया और फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद अपने जुर्म को छिपाने के लिए उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवा दी। लेकिन, जब सरस्वती का शव मिला तो उसे पहचाना मुश्किल था। इसके बाद चुड़ी से उसकी पहचान हो गई। पुलिस ने तुरंत उसके पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने अपना जुर्म कबूल किया है और उन्होंने कहा कि वो सरस्वती और अमित के रिश्ते के खिलाफ थे। उन्होंने सरस्वती को समझाया। लेकिन, वो नहीं मानी। जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया। सरस्वती ने की थी शादी पुलिस ने बताया कि सरस्वती को 2019 में जबरन शादी के लिए मजबूर किया गया था, लेकिन दो साल बाद महिला ने अपने पति को छोड़ दिया। मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि उसके परिवार ने 2022 में दूसरी शादी तय की थी, लेकिन वह भी कामयाब नहीं हुई। बाद में वह गुड़गांव में अमित नाम के एक व्यक्ति के साथ रहने लगी थी। जहां दोनों ने उसी साल ई-कॉम फर्म के साथ काम करना शुरू कर दिया। अपने परिवार के दबाव के बावजूद, उसने अमित के साथ अपना रिश्ता जारी रखा और अपने माता-पिता को इस रिश्ते के लिए मनाने के लिए 10 मई को मुजफ्फरनगर में अपने गांव गई थी। 26 मई को हुई थी आखिरी बात अमित ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सरस्वती से उसकी आखिरी बार 26 मई बात हुई थी। उसने कहा था कि उसने अपने माता-पिता को मनाने की कोशिश की। लेकिन, वो नहीं माने। 29-30 मई की रात को की गई थी हत्या पुलिस का कहना है कि अधिकारी ने बताया कि हत्या 29-30 मई की रात को की गई थी। राजवीर और सुमित ने कथित तौर पर अपने घर में सरस्वती का गला घोंट दिया, जबकि तीसरे आरोपी गुरदयाल सिंह ने उसके पैर पकड़े। इसके बाद तीनों ने उसके शव को करीब 5 किलोमीटर दूर नहर के पास जंगल में ले जाकर उस पर पेट्रोल डाला और आग लगा दी। दो दिन बाद परिवार ने पुलिस को गुमराह करने के लिए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने कहा कि जांच की दिशा तब बदल गई जब 3 जून को ककरौली थाना क्षेत्र के जंगल में एक अधजला शव मिला। शव की हालत के कारण शुरुआती पहचान मुश्किल थी। मुजफ्फरनगर के SSP संजय कुमार वर्मा ने कहा कि हालांकि, SHO जोगिंदर सिंह और कांस्टेबल ललित मोरल ने महिला की कलाई पर चूड़ियां देखीं और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट से मिलाया। आभूषणों से हमें उसकी पहचान की पुष्टि करने में मदद मिली।