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हाईकोर्ट का फैमिली पेंशन को लेकर बड़ा फैसला, पहली पत्नी के जीवित रहते विवाह करने वाली न तो पत्नी और न विधवा

 
Naya Haryana : फैमिली पेंशन को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। जाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने परिवारिक पेंशन (फैमिली पेंशन) को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि सिर्फ वैध (कानूनी रूप से मान्य) पत्नी ही पेंशन की हकदार होती है। जानकारी के मुताबिक, पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने वाली महिला को न तो पत्नी का दर्जा मिलता है और न ही विधवा होने के दावे से फैमिली पेंशन का अधिकार।

मिली जानकारी के अनुसार, महिला ने मृत सेना अधिकारी की दूसरी पत्नी होने का दावा करते हुए फैमिली पेंशन देने की मांग की थी। याची ने कहा था कि उसका विवाह उस समय हुआ था जब अधिकारी की पहली शादी वैध थी और पहली पत्नी जिंदा था। बाद में पहली पत्नी की मृत्यु हो गई और ऐसे में अब वह अधिकारी की विधवा होने के नाते फैमिली पेंशन की हकदार है। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, जस्टिस संदीप मौदगिल ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पहली शादी वैध रहते दूसरी शादी कानूनन शून्य होती है। ऐसी शादी से महिला को पत्नी या विधवा का कानूनी दर्जा नहीं मिलता। इन परिस्थितियों में पहली पत्नी की मृत्यु के बाद भी दूसरी शादी को वैध नहीं माना जा सकता। इसलिए पेंशन का अधिकार बाद में भी उत्पन्न नहीं हो सकता। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने साफ कहा कि पेंशन का अधिकार मृत कर्मचारी की मृत्यु के समय मौजूद वैध वैवाहिक स्थिति पर निर्भर करता है, बाद की परिस्थितियों से यह अधिकार पैदा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दूसरी शादी, यदि पहली शादी के दौरान हुई है, तो वह स्वतः अवैध है। पहली पत्नी की मृत्यु से इस अवैध विवाह को बाद में वैध नहीं बनाया जा सकता।