{"vars":{"id": "128336:4984"}}

Haryana : हरियाणा में बदलते मौसम का फसलों पर क्या पड़ेगा असर? एक्सपर्ट ने किसानों को दी ये सलाह 

 
Haryana : हरियाणा में मार्च के पहले सप्ताह में ही गर्मी अपने रंग दिखाने लगी है। राज्य के सभी जिलों में 32 से 35 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 6 से 8 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 15 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो सामान्य से 4 से 7 डिग्री ज्यादा है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान हिसार में 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबाला में न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। फिलहाल अभी गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।

IMD के अनुसार हरियाणा समेत पंजाब व चंडीगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क था और अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया। विभाग ने अगले पांच दिनों तक मौसम के शुष्क बने रहने और तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है। 

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक हरियाणा में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर हरियाणा में अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री और दक्षिण व पश्चिम हरियाणा में तापमान 34 से 37 डिग्री तक पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान 16 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

गेहूं के दाने छोटे होंगे : एक्सपर्ट

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्था (पूसा) से सेवानिवृत प्रधान वैज्ञानिक डा. वीरेंद्र लाठर के अनुसार, फिलहाल तापमान औसत से 5 से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक है। गेहूं की फसल के लिए 12 से 28 डिग्री सेल्सियस तक ही तापमान होना चाहिए। औसत से अधिक तापमान होने के कारण गेहूं के दाने फूलने के बजाय पिचक जाएंगे। गेहूं के दाने भी कम बनेंगे। यदि तापमान इतना ही अधिक रहा तो 5 से 10 प्रतिशत तक गेहूं के उत्पादन पर प्रभाव पड़ेगा। दाने का साइज जीरे के बराबर होने से भी किसानों को नुकसान होता है।

मौसम विभाग से किसानों के लिए सलाह

बढ़ते तापमान को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि फसलों में गर्मी के प्रभाव से बचाव के लिए सिंचाई सुबह जल्दी या शाम के समय करें। दोपहर के समय तेज धूप में लंबे समय तक रहने से बचें और पर्याप्त पानी पीते रहें। किसानों को सिंचाई की योजना भी बढ़ते तापमान को ध्यान में रखकर बनाने की सलाह दी गई है।