Haryana: हरियाणा में कलेक्टर रेट्स को लेकर सरकार ने क्या अपनाया है फॉर्मूला, देखें पूरी अपडेट
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार द्वारा अपनाए गए फॉर्मूले के अनुसार, कलेक्टर रेट में वृद्धि को विभिन्न स्लैब्स में विभाजित किया गया है। जिन क्षेत्रों में लेन-देन मूल्य कलेक्टर रेट से 0 से 20 प्रतिशत तक अधिक था, वहां कोई वृद्धि नहीं की गई। 20 से 35 प्रतिशत वाले सेगमेंट में 15 प्रतिशत, 35 से 70 प्रतिशत में 25 प्रतिशत, 70 से 100 प्रतिशत में 30 प्रतिशत, 100 से 150 प्रतिशत में 45 प्रतिशत, 150 से 200 प्रतिशत में 60 प्रतिशत तथा 200 प्रतिशत से अधिक वाले मामलों में अधिकतम 75 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है।
राज्य में कुल 1,60,752 सेगमेंट्स का विश्लेषण किया गया। इनमें से 68.80 प्रतिशत (1,10,607 सेगमेंट) ऐसे रहे, जहां 0 से 20 प्रतिशत श्रेणी में आने के कारण कोई वृद्धि नहीं की गई। 5.72 प्रतिशत (9,203 सेगमेंट) में 15 प्रतिशत, 7.82 प्रतिशत (12,585 सेगमेंट) में 25 प्रतिशत, 4.03 प्रतिशत (6,492 सेगमेंट) में 30 प्रतिशत, 4.01 प्रतिशत (6,451 सेगमेंट) में 45 प्रतिशत, 2.15 प्रतिशत (3,467 सेगमेंट) में 60 प्रतिशत तथा 7.43 प्रतिशत (11,947 सेगमेंट) में 75 प्रतिशत की वृद्धि लागू की गई।
प्रवक्ता का कहना है कि यह मॉडल पूरी तरह पारदर्शी, संतुलित और जनहित में तैयार किया गया है, जिससे आम नागरिकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ न पड़े और बाजार के वास्तविक मूल्य के अनुसार रेट निर्धारित हो सकें।
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य संपत्ति के लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाना, ब्लैक मनी पर प्रभावी रोक लगाना और आम नागरिकों को न्यायसंगत एवं वास्तविक दरों पर संपत्ति खरीदने-बेचने का अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह कदम जनहित को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है और भविष्य में भी इसी प्रकार डेटा-आधारित और पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार हर कदम पर जनता के साथ है और ईमानदारी, विश्वास तथा सकारात्मक सोच के साथ विकास की दिशा में कार्य कर रही है।