Haryana: हरियाणा में रिश्वत प्रकरण में दो दोषियों को 7-7 वर्ष का कारावास, साथ ही ₹1.50 लाख जुर्माना
माननीय न्यायालय ने आरोपी विक्रमजीत, पार्षद वार्ड नं. 11, जिला परिषद कैथल, निवासी गांव सजूमा, जिला कैथल को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 7ए, 13(1)(बी) सहपठित धारा 13(2) के अंतर्गत 07 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹1,00,000/- रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं सह-आरोपी भारत ढूल, प्रतिनिधि पार्षद, जिला परिषद कैथल को 07 वर्ष के कारावास एवं ₹50,000/- रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोनों को 06-06 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
प्रकरण के अनुसार, दिनांक 18.01.2024 को शिकायतकर्ता द्वारा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अंबाला को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिला कैथल के गांवों में वाटर कूलर एवं वाटर टैंकर स्थापित करवाने के लिए प्रति वाटर कूलर ₹10,000/- तथा प्रति वाटर टैंकर ₹25,000/- रुपये की अवैध मांग की जा रही थी। इस कार्य के एवज में कुल ₹1,00,000/- रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पंचकूला की टीम ने दोनों आरोपियों को शिकायतकर्ता से ₹1,00,000/- रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस संबंध में थाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अंबाला में अभियोग संख्या 03 दिनांक 18.01.2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं सहित धारा 384 आईपीसी में मामला दर्ज किया गया था।
प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध दिनांक 16.03.2024 को माननीय न्यायालय, कैथल में चालान प्रस्तुत किया गया, जिसके पश्चात सुनवाई पूर्ण होने पर माननीय न्यायालय द्वारा यह सख्त सजा सुनाई गई।
यह निर्णय भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई एवं कानून के निष्पक्ष प्रवर्तन का स्पष्ट संदेश देता है।