Haryana: हरियाणा में इन कर्मचारियों की हुई बल्ले बल्ले, मिलेगा OPS और अन्य फायदे, कैबिनेट ने लगाई मुहर
इस फैसले का उद्देश्य लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों को दूर करना और समान पद वाले कर्मचारियों के बीच समानता सुनिश्चित करना है। इन ड्राइवरों को वर्ष 2002 में कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया था और बाद में वर्ष 2006 में हरियाणा परिवहन विभाग (ग्रुप-C) हरियाणा रोडवेज सेवा नियम, 1995 (समय-समय पर संशोधित), के तहत रेगुलर किया गया था। हालांकि, जनवरी 2014 में सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच हुए आपसी समझौते में केवल 1 जनवरी, 2003 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों को ही शामिल किया गया था, इसलिए वर्ष 2002 में नियुक्त ड्राइवरों को यह लाभ नहीं मिल पाए थे, जिससे जूनियर ड्राइवरों को अपने सीनियर्स की तुलना में ज़्यादा सैलरी और पेंशन लाभ मिल रहे थे।
इस फैसले से, वर्ष 2002 में भर्ती हुए ड्राइवरों को उनकी शुरुआती नियुक्ति की तारीख से रेगुलर माना जाएगा। शुरुआती नियुक्ति की तारीख से सेवा की गणना करके एसीपी इत्यादि, पुरानी पेंशन योजना और पारिवारिक पेंशन योजना, 1964 का लाभ प्रदान करने, जनरल प्रोविडेंट फंड खाते खोलने जैसे विभिन्न लाभ प्रदान किए जाएंगे। ये सभी लाभ 31 अगस्त, 2024 तक सैद्धांतिक रूप से दिए जाएंगे तथा वास्तविक वित्तीय लाभ 1 सितंबर, 2024 से या सरकार द्वारा तय की गई किसी अन्य कट-ऑफ तारीख से मिलेंगे।