Haryana: हरियाणा में इन बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा मुआवजा, जानें क्या है वजह
बहादुरगढ़ के एक मामले में आयोग ने पाया कि उपभोक्ता को लंबे समय तक नियमित बिजली बिल नहीं दिए गए। कभी-कभार मनमाने ढंग से औसत बिल जारी किए गए और बाद में अचानक 2.38 लाख रुपये का भारी भरकम बिल थमा दिया गया।
शिकायत के बावजूद केवल आंशिक सुधार किए गए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्युत आपूर्ति संहिता के तहत अनिवार्य पूर्व सूचना और न्यूनतम समयसीमा का पालन नहीं किया गया।
इस मामले में आयोग ने दो कनिष्ठ अभियंताओं (JE/CA) पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और दोनों को उपभोक्ता को 1-1 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए। साथ ही, बिल को स्वीकृति देने वाले एसडीओ के प्रति असंतोष दर्ज करते हुए उनका नाम आयोग के रिकॉर्ड में दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
आयोग ने यह भी आदेश दिया कि जुलाई 2022 से गलत तरीके से जारी किए गए प्रत्येक बिलिंग चक्र के लिए उपभोक्ता को 500 रुपये प्रति चक्र की दर से अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए।
इसी तरह, हिसार के एक उपभोक्ता के दो बिजली खातों में मार्च 2020 से फरवरी 2024 तक औसत आधार पर बिल जारी किए गए। पहले जहां करीब 160 यूनिट की द्विमासिक खपत के बिल आते थे, वहीं बाद में एक खाते में अचानक 45 हजार यूनिट से अधिक खपत दिखाकर तीन लाख रुपये से ज्यादा का बिल और दूसरे खाते में 20 हजार यूनिट दर्शाकर 98 हजार रुपये का बिल जारी कर दिया गया।
इस मामले में भी आयोग ने कड़ी टिप्पणी करते हुए प्रत्येक गलत बिल पर 500 रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। यह मुआवजा पहले दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) अपने कोष से देगा, जिसे बाद में दोषी अधिकारियों से वसूल किया जाएगा।