Haryana: हरियाणा के 66 हजार बुजुर्गों की विभाग ने रोकी पेंशन, ये बड़ी वजह आई सामने ?
रोकी पेंशन
मिली जानकारी के अनुसार, अधिकांश लाभार्थियों ने मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर पेंशन बनवा ली थी। वे वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे थे। समाज कल्याण विभाग ने पूरे प्रदेश के पेंशन लाभार्थियों का परिवार पहचान पत्र में रिकाॅर्ड के साथ मिलान करने का कार्य किया जा रहा है। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, सूत्रों से पता चला है कि जांच के दौरान प्रदेश के करीब 66 हजार बुजुर्गों के रिकार्ड में 60 साल से कम आयु मिली है। कुछ मामलों में लाभार्थियों की आय तीन लाख रुपये या इससे अधिक मिली है। इस वजह से विभाग के उच्चाधिकारियों ने पेंशन रोक दी। Haryana News
विभाग के चक्कर
मिली जानकारी के अनुसार, लाभार्थियों के मोबाइल पर इस संबंध में मैसेज भी भेजे हैं। विभाग ने उन बुजुर्गों को यह मौका भी दिया है कि यदि उनकी आयु 60 साल से अधिक है तो वे अपनी आयु से संबंधित दस्तावेज विभाग के समक्ष प्रस्तुत करें। जिस कारण बुजुर्ग इन दिनों समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं। Haryana News
बदल गया रूल
जानकारी के मुताबिक, इसके बाद दसवीं कक्षा के प्रमाण पत्र, 1991 से पहले के पांच साल पुराने Voter Card को आयु प्रमाण पत्र को आधार माना जाने लगा। हालांकि, अप्रैल 2023 से वृद्धावस्था पेंशन बनाने के लिए PPP को आधार माना जाने लगा और सभी पेंशन इसी के आधार पर बनाया जाने लगा।