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Haryana: हरियाणा के इस जिले में अवैध कॉलोनियों पर चला प्रशासन का पीला पंजा, DTP विभाग की कार्रवाई

 
Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद में अवैध निर्माण और अनाधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मिली जानकारी के अनुसार, जिला नगर योजनाकार विभाग की अगुवाई में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माणाधीन ढांचों को ध्वस्त किया गया। साथ ही, बिना अनुमति संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों पर भी शिकंजा कसा गया।

जानकारी के मुताबिक, बता दे कि अभियान का नेतृत्व DTP दिनेश सिंह ने किया। जनस्वास्थ्य विभाग के SDO रणबीर मलिक ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर मौजूद रहे। वहीं जूनियर इंजीनियर और पुलिस बल ने मौके पर मुस्तैदी से कार्रवाई को अंजाम दिया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच जेसीबी मशीनों ने अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों में प्रवेश कर निर्माण कार्यों को ध्वस्त करना शुरू किया। Haryana News

बिना स्वीकृति वाले नष्ट

मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक टीम ने उन सभी ढांचों को निशाना बनाया, जो बिना स्वीकृति के खड़े किए जा रहे थे। कॉलोनियों में प्लॉटिंग के लिए तैयार की गई नींवों को उखाड़ दिया गया और अंदरूनी सड़कों व रास्तों को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि अवैध निर्माण को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से की गई है। Haryana News

बुलडोजर चलाया गया

जानकारी के मुताबिक, इसी अभियान के तहत गांव माजरा में अवैध रूप से संचालित दो शराब ठेकों पर भी बुलडोजर चलाया गया। बिना अनुमति चल रहे इन ठेकों को पूरी तरह गिरा दिया गया, जिससे अवैध कारोबार करने वालों को कड़ा संदेश मिला। प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध कॉलोनाइजरों और कारोबारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। Haryana News

जारी रहेगा अभियान

मिली जानकारी के अनुसार, DTP विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार की कॉलोनी विकसित करना या व्यावसायिक गतिविधि चलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे अवैध निर्माणों की पहचान कर लगातार कार्रवाई जारी रखी जाएगी। Haryana News

प्रशासन की अपील

जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों ने आम लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सस्ते प्लॉट के लालच में आकर अवैध कॉलोनियों में निवेश करना नुकसानदायक साबित हो सकता है। प्रशासनिक कार्रवाई होने पर सबसे अधिक नुकसान खरीदारों को ही उठाना पड़ता है।