Haryana: हरियाणा में आयुष्मान योजना में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई, 45 निजी अस्पताल पैनल से बाहर
इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और अवैध वसूली बनी कार्रवाई की वजह
जांच में सामने आया कि कुछ अस्पतालों के पास आवश्यक मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था, जबकि कई अस्पतालों के खिलाफ मरीजों से आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज के बावजूद पैसे लेने की शिकायतें मिली थीं। इससे पहले भी कुछ महीनों में 6 निजी अस्पतालों को पैनल से हटाया गया था, जो अब इन 45 अस्पतालों की सूची में शामिल हैं।
शिकायत और एंटी फ्रॉड यूनिट की रिपोर्ट के आधार पर जांच
हरियाणा आयुष्मान भारत प्राधिकरण समय-समय पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार अस्पतालों की समीक्षा करता है। कई मामलों में मरीजों की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई होती है, जबकि कई गड़बड़ियां सरकार की एंटी फ्रॉड यूनिट की जांच में सामने आती हैं।
पांच सदस्यीय कमेटी लेती है अंतिम फैसला
अस्पतालों को पैनल से बाहर करने का निर्णय आयुष्मान भारत के सीईओ के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय कमेटी द्वारा लिया जाता है। इस प्रक्रिया में संबंधित अस्पताल को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाता है, जिसके बाद सभी तथ्यों की समीक्षा कर अंतिम निर्णय किया जाता है।
चिरायु योजना के तहत इलाज का दायरा हुआ है विस्तृत
हरियाणा सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का विस्तार करते हुए इसे चिरायु योजना का नाम दिया है। पहले इस योजना के तहत तीन लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती थी। अब छह लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवार भी सालाना किस्त जमा कर इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
प्रदेश में 1304 अस्पताल आयुष्मान-चिरायु योजना से जुड़े
राज्य में फिलहाल कुल 1304 अस्पताल आयुष्मान-चिरायु योजना के तहत इलाज की सुविधा दे रहे हैं। इनमें 641 सरकारी अस्पताल शामिल हैं, जबकि 663 निजी अस्पताल और क्लीनिक इस योजना से जुड़े हुए हैं।a