Haryana: हरियाणा में हिसार के महावीर स्टेडियम पर खर्च होंगे 50 करोड़ रुपये, अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
जानकारी के मुताबिक, इसके लिए खेल विभाग व HSVP के इंजीनियरों ने करीब 50 करोड़ के बजट का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा है। महाबीर स्टेडियम को स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का रूप दिया जाएगा। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, इसमें महाबीर स्टेडियम के मुख्य मैदान सहित सभी खेल मैदानों में जमीन लेवल का स्तर ऊंचा किया जाएगा, ताकि यहां पर जलभराव की समस्या न आए। साथ ही जल निकासी व सीवरेज व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा। गौरतलब है कि करीब एक साल से महाबीर स्टेडियम की हालत जलभराव की हालत खस्ता हो चुकी है।
आधुनिक रूप
जानकारी के मुताबिक, महाबीर स्टेडियम को पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा। स्टेडियम में नई लाइटें, बैठने के लिए दर्शक दीर्घा व खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग स्टैंड की व्यवस्था की जाएगी। LED भी लगाई जाएगी। कैमरों की व्यवस्था भी की जाएगी। खिलाड़ियों के लिए भी रेस्ट रूम, चेजिंग रूम आदि सभी व्यवस्था स्टेडियम में की जाएगी। इसके अलावा सीवरेज व्यवस्था को पूरी तरह से दुरूस्त कर दिया जाएगा। Haryana News
अभ्यास हो रहा प्रभावित
मिली जानकारी के अनुसार, महाबीर स्टेडियम में 400 खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है। यहां पर करीब 400 खिलाड़ी नियमित रूप से अभ्यास करने आते थे, लेकिन अब अभ्यास के लिए आने वाले खिलाड़ियों की संख्या भी घटती जा रही है।
जलभराव
जानकारी के मुताबिक, स्टेडियम में करीब छह माह तक जलभराव रहा था। उस समय जिला प्रशासन के आदेशों पर जनस्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर यहां से जलभराव को निकालने का काम किया था। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से यहां पर चार पंपसेट लगाकर पानी निकाला गया था, लेकिन यहां दोबारा से जलभराव हो गया था। Haryana News
नहीं मना पाए
मिली जानकारी के अनुसार, स्टेडियम की हालत खस्ता होने के कारण यहां पर गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों का आयोजन भी यहां पर जिला प्रशासन नहीं करवा पाया। इसके अलावा भी कई खेल प्रतियोगिताएं जो महाबीर स्टेडियम में आयोजित की जानी थी, लेकिन वे प्रतियोगिताएं भी आयोजित नहीं की गई। Haryana News
सदन में की थी डिमांड
जानकारी के मुताबिक, विधायक जिंदल ने भी महाबीर स्टेडियम की खस्ता हालत के चलते इसे दुरूस्त करने के मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया था। उस दौरान करीब 21 करोड़ का एस्टीमेट स्टेडियम के सुधार के लिए बनाया गया था। वहीं, अब इसे बढ़ाकर करीब 50 करोड़ किया गया है।