कुरुक्षेत्र में बनेगी 100 करोड़ की हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमी, CM नायब सैनी ने दी मंजूरी
कुरुक्षेत्र: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र जिले के उमरी गांव में हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना को मंजूरी दे दी है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से 14 एकड़ भूमि पर बनने वाली यह अकादमी राज्य के राजस्व अधिकारियों और फील्ड स्तर के कर्मचारियों के लिए प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना की घोषणा हरियाणा बजट 2026-27 में की गई थी। इसके बाद राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने अकादमी के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश शुरू की। विभिन्न प्रस्तावों का मूल्यांकन करने के बाद सरकार ने ग्राम पंचायत उमरी की भूमि को इस परियोजना के लिए सबसे उपयुक्त माना।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह अकादमी राजस्व अधिकारियों की पेशेवर क्षमता बढ़ाने और उन्हें भूमि प्रशासन, आपदा प्रबंधन तथा जनसेवा से जुड़ी नई चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि उमरी स्थित प्रस्तावित स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (एनएच-44) पर स्थित है, जिससे हरियाणा के सभी हिस्सों और पड़ोसी राज्यों से इसकी बेहतर कनेक्टिविटी रहेगी। यह स्थान मिनी सचिवालय और तहसील परिसर से लगभग दो किलोमीटर दूर है, जिससे प्रशासनिक कार्यालयों तक पहुंच आसान होगी।
अकादमी का परिसर कुरुक्षेत्र शहर के निकट और हरियाणा आयुष विश्वविद्यालय से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे शैक्षणिक और संस्थागत कॉरिडोर का हिस्सा माना जा रहा है।
आधुनिक प्रशिक्षण पर रहेगा फोकस
यह अत्याधुनिक संस्थान राजस्व अधिकारियों, पटवारियों, कानूनगो और अन्य फील्ड कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करेगा। अकादमी में आधुनिक भूमि प्रबंधन, भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, राजस्व कानून, विवाद समाधान, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया, आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक प्रशासन से जुड़ी नई चुनौतियों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह संस्थान पेशेवर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण का उत्कृष्ट केंद्र बनेगा, जिससे हरियाणा में राजस्व प्रशासन की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूती मिलेगी।
डिजिटल युग के लिए तैयार होंगे अधिकारी
सुमिता मिश्रा ने कहा कि डिजिटल भूमि रिकॉर्ड, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीक आधारित प्रशासनिक प्रणालियों के विस्तार के साथ राजस्व विभाग की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ी हैं। ऐसे में इस अकादमी का उद्देश्य अधिकारियों को आधुनिक ज्ञान, डिजिटल कौशल और व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान हरियाणा में सुशासन और प्रभावी जनसेवा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।