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हेल्थ सेक्टर के मामले में हरियाणा बना नंबर 1, शिशु मत्यु दर घटा

चंडीगढ़: हरियाणा ने बच्चों के स्वास्थ्य परिणामों में उल्लेखनीय योगदान प्राप्त किया है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) रिपोर्ट 2024 के अनुसार, हरियाणा में शिशु मृत्यु दर (IMR) घटकर प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 24 हो गई है। यह उपलब्धि हरियाणा को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाती है और राज्य भर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार हो रहे सुधार को दर्शाती है।
 

 चंडीगढ़: हरियाणा ने बच्चों के स्वास्थ्य परिणामों में उल्लेखनीय योगदान प्राप्त किया है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) रिपोर्ट 2024 के अनुसार, हरियाणा में शिशु मृत्यु दर (IMR) घटकर प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 24 हो गई है। यह उपलब्धि हरियाणा को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाती है और राज्य भर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार हो रहे सुधार को दर्शाती है।

हरियाणा का प्रदर्शन स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे

हरियाणा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि राज्य मातृ और नवजात स्वास्थ्य सेवाओं में लक्षित प्रयासों के माध्यम से प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में लगातार सुधार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का प्रदर्शन स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और समुदाय-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर निवेश की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

 हरियाणा की शिशु मृत्यु दर 28 से घटकर 24 हो गई

नए आंकड़ों से सामने आया है कि बीते 5 सालों में हरियाणा की शिशु मृत्यु दर 28 से घटकर 24 हो गई है, जो लगभग 14 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। इसी अवधि के दौरान, पंजाब की शिशु मृत्यु दर 18 से घटकर 16 हो गई है, जो लगभग 11 प्रतिशत का सुधार है। ये आंकड़े बताते हैं कि बड़ी और घनी आबादी तक सेवाएं पहुंचाने से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद हरियाणा ने कमी लाने की तेज गति हासिल की है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा अब शिशु मृत्यु दर के मामले में राष्ट्रीय औसत तक पहुंच गया है और शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि आमतौर पर छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ तुलना की जाती है, लेकिन राज्य के आकार, जनसंख्या घनत्व और स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए हरियाणा की उपलब्धियां महत्वपूर्ण हैं।

बड़े राज्यों की तुलना में हरियाणा का बेहतरीन प्रदर्शन 

स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि हरियाणा कई बड़े राज्यों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, जहां शिशु मृत्यु दर अभी भी काफी अधिक है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में शिशु मृत्यु दर लगभग 35 है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर लगभग 36 है। यह सुधार नवजात और बाल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों का परिणाम है। इनमें स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट्स (SNCUs), न्यूबॉर्न स्टेबिलाइज़ेशन यूनिट्स (NBSUs), न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर्स (NRCs), न्यूबॉर्न बेबी केयर कॉर्नर्स (NBCCs), कंगारू मदर केयर (KMC) सुविधायें, हाइब्रिड HDU-ICU यूनिट्स, कॉम्प्रिहेंसिव लैक्टेशन मैनेजमेंट सेंटर्स (CLMCs), लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट्स (LMUs), मां और बच्चे की सुरक्षा के कार्यक्रम और घर पर नवजात शिशु की देखभाल की सेवाओं का विस्तार शामिल है।