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Haryana: हरियाणा और अफ़्रीका की साझेदारी से विकास को मिलेगी गति, भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट - 2026 का हुआ आयोजन

 
चंडीगढ़, 21 मार्च: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वैश्विक सहयोग के नए दौर में हरियाणा अफ्रीकी देशों के साथ अपने संबंधों को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा न केवल औद्योगिक और आर्थिक क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है, बल्कि कृषि, पशुपालन, डेयरी, बागवानी तथा अन्य एलाइड सेक्टर में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। इन क्षेत्रों में दोनों मिलकर परस्पर आपसी सहयोग से एक दूसरे का अनुभव और विशेषज्ञता साझा करते हुए विकास में रफ्तार पकड़ेंगे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट— 2026  के अंतर्गत नई दिल्ली में आयोजित भारत–अफ्रीका सामरिक साझेदारी बैठक को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय उर्जा एवं आवासन मंत्री श्री मनोहर लाल ने की, जबकि केंद्रीय ऊर्जा एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येस्सो नाइक ने भी समिट को संबोधित किया।

अफ्रीकी देशों के मंत्रियों, प्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा और अफ्रीका के बीच संबंध केवल व्यापारिक लेन-देन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह रिश्ते “बिजनेस टू बिजनेस” से आगे बढ़कर “हार्ट टू हार्ट” के हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में हरियाणा और अफ्रीका के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई प्रबंधन, डेयरी विकास तथा कृषि-आधारित उद्योगों के क्षेत्र में साझेदारी से दोनों पक्षों को लाभ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार इस दिशा में संस्थागत सहयोग, निवेश प्रोत्साहन और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में हरियाणा और अफ्रीकी देशों के बीच सहयोग के नए आयाम स्थापित होंगे, जिससे न केवल आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर साझा विकास और समृद्धि के लक्ष्य को भी साकार किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक अंतरराष्ट्रीय बैठक नहीं, बल्कि सहयोग और सामूहिक विकास के माध्यम से बेहतर भविष्य निर्माण का साझा मंच है। उन्होंने कहा कि यह समिट भारत और अफ्रीका के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए साझा दृष्टि और जुड़ाव का प्रतीक है।

भारत और अफ्रीकी देशों के लंबे संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह साझेदारी सांझा इतिहास, सांस्कृतिक जुड़ाव, संघर्षों और आकांक्षाओं पर आधारित है। दोनों क्षेत्र ‘ग्लोबल साउथ’ की मजबूत आवाज के रूप में उभर रहे हैं और समान विकास लक्ष्यों से जुड़े हुए हैं।

हरियाणा आकार में छोटा लेकिन संकल्प में मजबूत

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत–अफ्रीका सांझेदारी समानता, विश्वास और पारस्परिक सम्मान पर आधारित है, जिसमें किसी को पीछे न छोड़ते हुए समावेशी और साझा विकास पर विशेष जोर दिया गया है।

विदेश सहयोग विभाग स्थापित करने वाला हरियाणा एकमात्र राज्य:

हरियाणा की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य आकार में छोटा लेकिन संकल्प में मजबूत है और कृषि, विनिर्माण तथा युवाओं की नवाचार क्षमता में अग्रणी योगदान दे रहा है। उन्होंने बताया कि हरियाणा देश का संभवतः एकमात्र राज्य है, जहां विदेश सहयोग विभाग स्थापित है, जिसकी वे स्वयं निगरानी करते हैं, ताकि व्यापार, निवेश, कौशल विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में वैश्विक सहयोग को बढ़ाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने विकास के लिए ऊर्जा क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण आधार बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल को हरियाणा के विद्युत क्षेत्र में बदलाव का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि राज्य ने बिजली वितरण में लाभप्रदता हासिल की, 90 प्रतिशत से अधिक गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की और लाइन लॉस को लगभग 9 प्रतिशत तक कम किया।

उन्होंने कहा कि हरियाणा ऊर्जा प्रबंधन, डिजिटल गवर्नेंस और प्रभावी सेवा वितरण के अपने अनुभव अफ्रीकी देशों के साथ साझा करने के लिए तैयार है। उन्होंने प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग और आपसी सीख पर आधारित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।

निवेश और व्यापार साझेदारी को मजबूती

मुख्यमंत्री ने अफ्रीकी देशों के साथ बढ़ते सहयोग का उल्लेख करते हुए बताया कि केन्या और तंजानिया जैसे देशों के साथ कृषि क्षेत्र में बातचीत चल रही है, जहां हरियाणा के किसान अपनी विशेषज्ञता से उत्पादकता बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने युगांडा, इथियोपिया और रवांडा जैसे देशों में ऊर्जा उत्पादन और बुनियादी ढांचे के विकास में संभावनाओं की ओर भी संकेत किया।

तंजानिया निवेश केंद्र के साथ सहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे व्यापार, कृषि, उर्वरक और ऊर्जा क्षेत्रों में नए अवसर खुल रहे हैं और उच्चस्तरीय संवाद से निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।

उन्होंने हरियाणा की विविध अर्थव्यवस्था—कृषि, विनिर्माण, एमएसएमई और स्टार्टअप—का उल्लेख करते हुए कहा कि दक्षिणी अफ्रीकी देशों जैसे दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, बोत्सवाना, जाम्बिया और जिम्बाब्वे के साथ बहु-क्षेत्रीय सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। पश्चिमी अफ्रीका के देशों—नाइजीरिया, घाना और कोट डी’आईवोर—में एग्री-बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी वैल्यू चेन में अवसर हैं, जबकि पूर्वी अफ्रीका में कृषि तकनीक, सिंचाई, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैं। उत्तरी अफ्रीका में वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग और सौर ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग के अवसर बताए।

डिजिटल परिवर्तन और बाजार विस्तार

मुख्यमंत्री ने भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट को तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का प्रतीक बताते हुए कहा कि हरियाणा अपने बाजारों को खुला रखने और व्यापार को अधिक आकर्षक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य अपने डिजिटल परिवर्तन के अनुभव का उपयोग अफ्रीका में सार्वजनिक सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन और डिजिटल साक्षरता को बेहतर बनाने में सहयोग के लिए करना चाहता है।

उन्होंने जलवायु परिवर्तन को वैश्विक चुनौती बताते हुए भारत और अफ्रीका के बीच नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में संयुक्त प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि यह समिट हरियाणा, भारत और अफ्रीकी देशों के बीच मित्रता, सहयोग और साझा सफलता की नई शुरुआत साबित होगी।

इस मौके पर मलावी गणराज्य की ऊर्जा और खनन मंत्री डॉ. जीन मथांगा, विद्युत विभाग के सचिव पंकज अग्रवाल, रवांडा के उच्चायुक्त जैकलीन मुकनगिरा, जिम्बाब्वे से सुश्री नोमुसा मुस्वाम्बी, मॉरीशस के द्वितीय सचिव विशाल मुम्मलू, इथियोपिया से मेलेसाइन अयानरा, दक्षिण अफ्रीका से एचआरएच लेबोगांग ज़ुलु, स्विट्जरलैंड के ऊर्जा प्लेक्सस संस्थान से डॉ. लॉरेंस जोन्स, अफ़्रीका 50 के सीईओ एलेन एबोबिसे, एनटीपीसी के एसएमडी गुरदीप सिंह, प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार, निदेशक अशोक कुमार मीणा, मैनेजिंग डायरेक्ट विक्रम, मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन चौधरी मौजूद रहे।