Haryana News: हरियाणा की रिहायशी कॉलोनियों में होगा बड़ा बदलाव, सरकार ने नई पॉलिसी की जारी
सरकार के अनुसार तेजी से बढ़ते शहरीकरण और अस्पताल दूर होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रिहायशी क्षेत्रों में नर्सिंग होम की अनुमति से आम लोगों को बहुत राहत मिलेगी।
नोटिफिकेशन हुआ जारी
अब विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह ने इसका नोटिफिकेशन जारी किया है। नई नीति के तहत केवल वे योग्य डॉक्टर (एलोपैथिक/आयुष) नर्सिंग होम खोल सकेंगे, जिनके पास मेडिकल काउंसिल/आयुष काउंसिल का वैध रजिस्ट्रेशन हो। जो वर्तमान में प्रैक्टिस कर रहे हों।
ऐसे में डॉक्टरों का IMA की स्थानीय शाखा में रजिस्टर्ड होना जरूरी है। डॉक्टर का संबंधित आवासीय प्लॉट का मालिक होना जरूरी है। डॉक्टर का संबंधित आवासीय प्लॉट का मालिक होना भी जरूरी है। निर्धारित कन्वर्जन शुल्क के साथ शपथ पत्र भी देना होगा। यह नीति पूरे राज्य की लाइसेंस प्राप्त रिहायशी कॉलोनियों पर लागू होगी।
सरकार ने क्षेत्र के पोटेंशियल के आधार पर न्यूनतम प्लॉट साइज तय किया है। हाइपर और हाई पोटेंशियल जोन में 350 वर्ग गज से कम साइज में मंजूरी नहीं मिलेगी। इसी तरह मीडियम और लो पोटेंशियल जोन में 250 वर्ग गज साइज से कम के प्लाट में अनुमति नहीं होगी। नर्सिंग होम सिर्फ सर्विस रोड या सेक्टर/मास्टर रोड से लगते प्लॉट पर ही अनुमति प्राप्त करेंगे। एक सेक्टर में अधिकतम 4 साइट की अनुमति होगी। सिर्फ उन्हीं कॉलोनियों में अनुमति दी जाएगी जहां सभी आंतरिक सेवाएं बिछ चुकी हों और पूर्ण/आंशिक कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी हो चुका हो।