Haryana News: हरियाणा सरकार का बड़ा एक्शन, 3 श्रम निरीक्षकों व एक पटवारी को किया निलंबित
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सदन में बजट पर चर्चा के दौरान सदस्य डा. रघुबीर कादियान द्वारा उठाए गए प्रश्न पर जवाब दे रहे थे। समिति की रिपोर्ट में और भी कोई दोषी पाएंगे तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. कादियान ने खुद ही यह मामला श्रम मंत्री द्वारा पकड़ने की बात कही है। जब मंत्री ने मामला पकड़ कर कार्रवाई की तो फिर सरकार पर घोटाले का आरोप लगाना कहां तक जायज है।. यह विषय हरियाणा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की 21 अप्रैल, 2025 को हुई बैठक में सामने आया। बैठक के दौरान पता चला कि निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण हेतु जमा की गई 90 दिन की कार्य पर्चियों के सत्यापन में कुछ गंभीर विसंगतियां हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस मामले को छिपाने की बजाए, इस पर तुरंत त्वरित कार्रवाई करने का निर्णय लिया। किसी भी दोषी अधिकारी या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले का पता चलते ही, सभी सदस्यीय समिति बनाकर कार्य पर्चियों के पुनः जिला उपायुक्तों को तीन सत्यापन न करने के निर्देश निर्देश दिए। सभी 22 जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार कल 21 लाख 78 हजार 523 कार्य पर्चियों की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में पाए गए तथ्यों पर कार्रवाई जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अनियमितताओं को रोकने के लिए पेंशन, मृत्यु, दुर्घटना सहायता और एन.सी.आर. में ग्रेप एण्ड तृतीय व चतुर्थ भत्ते जैसी आवश्यक योजनाओं को छोड़कर अन्य सभी कल्याणकारी योजनाओं के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसकी जांच के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो जल्द ही एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच में जिन श्रमिकों की कार्य पर्ची सही पाई जाएगी, उन सभी श्रमिकों को लाभ जारी कर दिया जाएगा। सरकार जीरो टॉलरेंस भ्रष्टाचार की नीति पर कायम थी कायम हैं और कायम रहेेगी। सरकार ने इस विषय का पता लगाया है और इसके दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।