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 Haryana News: हरियाणा में बिजली चोरी राष्ट्रीय क्षति, इसे रोकना सामूहिक जिम्मेदारी: नन्द लाल शर्मा

 
Haryana News: Haryana Electricity Regulatory Commission (एचईआरसी) ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए Uttar Haryana Bijli Vitran Nigam (यूएचबीवीएन) द्वारा दायर वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) याचिका पर यमुनानगर में जनसुनवाई आयोजित की। जनसुनवाई की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा ने की।

अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा ने कहा कि बिजली चोरी राष्ट्रीय क्षति है और इसका सीधा बोझ ईमानदार बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी को रोकना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए सतर्कता और सहयोग आवश्यक है।

कृषि क्षेत्र को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी के संबंध में स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को प्रदान की जाने वाली सब्सिडी का पूरा वहन राज्य सरकार स्वयं करती है और इसका भार अन्य उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाता। उन्होंने विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 65 का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य सरकार को किसी भी श्रेणी के उपभोक्ताओं को सब्सिडी देने का विधिक अधिकार प्राप्त है।

अध्यक्ष ने कहा कि टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया में उपभोक्ताओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पारदर्शिता और सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने  विभिन्न शहरों में जाकर जनसुनवाई आयोजित की है। उन्होंने यूएचबीवीएन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं द्वारा उठाए गए प्रश्नों का तत्काल उत्तर दिया जाए। इस पर यूएचबीवीएन के निदेशक अनिल कुमार यादव ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया।

अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में याचिकाओं का सारांश सरल भाषा में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि आम उपभोक्ता भी उन्हें आसानी से समझ सकें।

बैठक के दौरान अल्पकालिक बिजली खरीद, पावर एक्सचेंज के माध्यम से खरीद, कर्मचारियों की आवश्यकता, ऋण अदायगी, मूल्यह्रास, लाभांश देयता, भूमिगत केबलिंग परियोजनाएं, उद्योगों एवं कृषि क्षेत्र के लिए पीक लोड प्रबंधन, सोलराइजेशन पहल, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में कमी के लिए पांच वर्षीय रोडमैप, भविष्य के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) तथा मध्यम अवधि के विद्युत क्रय समझौतों पर विस्तृत चर्चा की गई।

आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग ने घरेलू उपभोक्ताओं की बिलिंग त्रुटियों को उप मंडल अधिकारी (एसडीओ) स्तर पर शीघ्र ठीक करने पर जोर दिया। उन्होंने बिजली कटौती संबंधी सूचनाओं, राजस्व वसूली और व्यय विवरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा बिजली चोरी की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की।

आयोग के सदस्य शिव कुमार ने कहा कि औद्योगिक उपभोक्ता अधिक जागरूक हैं तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा दिए गए सुझाव उपयोगी एवं रचनात्मक रहे।

यूएचबीवीएन द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार निगम का एग्रीगेट टेक्निकल एवं कमर्शियल (एटीएंडसी) लॉस वर्तमान में 9.12 प्रतिशत है। 1,013 शहरी फीडरों में से केवल दो फीडरों पर 20 प्रतिशत से अधिक हानि दर्ज की गई है, जबकि 1,182 ग्रामीण फीडरों में से 62 फीडरों पर 40 प्रतिशत से अधिक हानि पाई गई। निगम ने 100 प्रतिशत बिलिंग कलेक्शन दक्षता का दावा भी किया। ट्रस्ट आधारित बिलिंग प्रणाली के अंतर्गत उपभोक्ता स्वयं अपने मीटर रीडिंग की फोटो अपलोड कर सकते हैं, जिसके आधार पर बिल जारी किया जाता है।

अध्यक्ष ने बताया कि 28 नवंबर 2025 को दायर याचिकाओं पर 8 जनवरी को आयोग मुख्यालय, 10 फरवरी को गुरुग्राम, 24 फरवरी को पानीपत, 25 फरवरी को हिसार और 2 मार्च को यमुनानगर में जनसुनवाई आयोजित की जा चुकी है। अब आयोग आगामी वित्त वर्ष के लिए विस्तृत टैरिफ आदेश जारी करेगा।

जनसुनवाई में आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग एवं शिव कुमार, सचिव प्रशांत देष्टा , विद्युत लोकपाल आर.के. खन्ना, यूएचबीवीएन के निदेशक अनिल कुमार यादव, एसई ऑपरेशन नरेंद्र कुमार, एसई रेगुलेटरी अफेयर्स पुनित कुंडू, एचईआरसी एवं यूएचबीवीएन के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में उपभोक्ता उपस्थित रहे।     

कार्यक्रम का संचालन उप निदेशक (मीडिया) प्रदीप मलिक ने किया। इस अवसर पर यूएचबीवीएन के कार्यकारी अभियंता शेखर मोहन, पवन छिक्कारा, पंकज देशवाल, जगमीत सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।