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इस साल 6 अंगदान कर हरियाणा ने राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान

रोहतक: देश में अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) की मांग लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में देशभर में करीब 94 हजार मरीज अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा सूची में हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) के निदेशक डॉ. अनिल कुमार ने दी। उन्होंने भारत में अंगदान प्रणाली को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
 
रोहतक: देश में अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) की मांग लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में देशभर में करीब 94 हजार मरीज अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा सूची में हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) के निदेशक डॉ. अनिल कुमार ने दी। उन्होंने भारत में अंगदान प्रणाली को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. अनिल कुमार मंगलवार को पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक के 19वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित अंगदान जागरूकता व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में हर साल करीब दो लाख नए किडनी मरीज सामने आते हैं, जबकि हर 20 मिनट में एक मरीज अंग प्रत्यारोपण के लिए पंजीकरण कराता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में देश में केवल 4,990 अंग प्रत्यारोपण हुए थे, लेकिन जागरूकता बढ़ने और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के कारण अब यह संख्या बढ़कर करीब 20,019 प्रत्यारोपण प्रतिवर्ष हो गई है। यह भारत में अंगदान और प्रत्यारोपण के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

हरियाणा के प्रयासों की सराहना

डॉ. कुमार ने हरियाणा राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (SOTTO) के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष हरियाणा में अब तक छह अंगदान दर्ज किए गए हैं, जिनमें से पांच अंगदान पीजीआईएमएस रोहतक की पहल से संभव हुए हैं। उन्होंने कहा कि अंगदान को बढ़ावा देने के क्षेत्र में हरियाणा ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है और यह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है।

स्थापना दिवस पर पौधारोपण और रक्तदान शिविर

विश्वविद्यालय के 19वें स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पर्यावरण संरक्षण के संदेश को बढ़ावा देने के लिए कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ मिलकर पौधारोपण किया। इसके बाद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान करीब 65 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।

अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में लाखों मरीज अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अंगदान के प्रति जागरूकता अभी भी अपेक्षाकृत कम है। यदि अधिक लोग अंगदान के लिए आगे आएं तो हजारों मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने लोगों से अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने और जरूरतमंद मरीजों की जिंदगी बचाने के इस अभियान में भागीदारी निभाने की अपील की।