Haryana: हरियाणा सरकार का इन चार यूनिवर्सिटी पर सख्त एक्शन, सभी वाइस-चांसलर के खिलाफ जांच के निर्देश
यह जांच पूर्व शोधार्थी प्रदीप देशवाल की उस शिकायत पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कोरोना काल के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में नियमों को ताक पर रखकर 20 हजार हरे पेड़ों को कटवा दिया गया।
इसके अलावा, एमडीयू में हुई शिक्षक भर्ती में धांधली को लेकर भी सरकार ने नाराजगी जताई थी।
विशेष बात यह है कि डॉ. राजबीर सिंह की मुश्किलें पहले से ही बढ़ी हुई हैं;
प्रदीप देशवाल की ही शिकायत पर उनके फर्जी दस्तावेजों (Documents) की जांच हरियाणा पुलिस द्वारा पहले से ही की जा रही है। अब विजिलेंस जांच शुरू होने से पूर्व कुलपति पर दोहरा शिकंजा कस गया है।
हरियाणा सरकार के निर्देश पर चार यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर (VC) के खिलाफ जांच शुरू की गई है।
• भ्रष्टाचार
• फंड का गलत इस्तेमाल
• भर्ती में गड़बड़ी
• आरक्षण नियमों का उल्लंघन
• MDU, Rohtak
• GJU, Hisar
• DCRUST, Murthal
• SKAU, Kurukshetra
• एक VC पर 20,000 पौधों की खरीद में गड़बड़ी और पदों के गलत इस्तेमाल का आरोप है
• दूसरे मामले में लगभग 50 करोड़ रुपये के छात्र फंड में गड़बड़ी का शक है
• कुछ जगहों पर भर्ती नियमों और आरक्षण का सही पालन नहीं हुआ
•कुछ VC ने आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया है कहा कि सभी भर्तियां नियमों के अनुसार हुई हैं
सरकार ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए जांच शुरू कर दी है और अधिकारी इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।