Haryana: हरियाणा सरकार ने जारी किया नया टेंडर, इस बार ये 3 अनोखी शर्तें
मिली जानकारी के अनुसार, अधिकारियों की आवाजाही के लिए हरियाणा सिविल एविएशन विभाग ने वाहनों की हायरिंग को लेकर बड़ा टेंडर जारी किया है। यह टेंडर तीन साल की रेट कॉन्ट्रैक्ट अवधि के लिए है, जिसमें चंडीगढ़ मुख्यालय, हिसार एयरपोर्ट और अन्य स्थानों के लिए करीब 15 वाहनों को आउटसोर्स किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, टेंडर में कई ऐसी सख्त और रोचक शर्तें रखी गई हैं, जिनका सीधा असर टैक्सी ऑपरेटरों और एजेंसियों पर पड़ेगा। टेंडर की सबसे अहम शर्त यह है कि ठेकेदार के पास कम से कम 10 कमर्शियल वाहन खुद के नाम पर होने चाहिएं।
मिली जानकारी के अनुसार, ये वाहन 5 साल से ज्यादा पुराने नहीं होने चाहिए और 2.5 लाख किलोमीटर से ज्यादा नहीं चले होने चाहिए। यदि कॉन्ट्रैक्ट के दौरान कोई वाहन यह सीमा पार करता है तो उसे तुरंत बदलना होगा, वरना 500 रुपए प्रतिदिन का जुर्माना लगेगा। टेंडर के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 जनवरी 2026 से शुरू हो चुके हैं। 12 फरवरी को शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।
3 अनोखी शर्ते...
जानकारी के मुताबिक, सिविल एविएशन विभाग ने सफाई को भी सख्ती से लागू किया है। अगर वाहन गंदा मिला या सीट कवर से बदबू आई तो पहले दिन 50 रुपए, लेकिन लगातार दूसरे दिन से 200 रुपये प्रतिदिन की पेनल्टी लगेगी। वहीं, समय पर वाहन नहीं पहुंचा तो 100 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से जुर्माना तय किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, खराब हुई गाड़ी, एक घंटे में बदलनी होगी : यदि ड्यूटी के दौरान वाहन खराब हो जाता है तो ठेकेदार को एक घंटे के भीतर वैकल्पिक वाहन देना होगा। ऐसा न करने पर विभाग खुद वाहन की व्यवस्था करेगा और उसका पूरा खर्च ठेकेदार से वसूला जाएगा, साथ ही 500 रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी लगेगा
जानकारी के मुताबिक, ड्राइवर के दुर्व्यवहार पर 500 रुपए प्रति शिकायत जुर्माना लगेगा। अगर ड्राइवर नहीं बदला गया तो वाहन वापस कर दिया जाएगा और बाहर से टैक्सी मंगवाने का खर्च भी ठेकेदार को उठाना होगा। ड्राइवर के पास कम से कम 3 साल पुराना ड्राइविंग लाइसेंस, यूनिफॉर्म, आई-कार्ड और मोबाइल फोन होना अनिवार्य किया गया है।
ये अनिवार्य
मिली जानकारी के अनुसार, हर वाहन में जीपीएस सिस्टम, फर्स्ट एड बॉक्स और नियमित लॉगबुक में एंट्री जरूरी होगी। लॉगबुक को संबंधित अधिकारी से सत्यापित कराना भी अनिवार्य किया गया है। यह रेट कॉन्ट्रैक्ट 3 साल के लिए होगा, जिसमें हर साल 5% तक दरें बढ़ाई जा सकेंगी। हालांकि विभाग को यह अधिकार भी रहेगा कि वह एक महीने का नोटिस देकर बिना कारण बताए कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर सके।