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हरियाणा सरकार ने मांगा इन्फ्रास्ट्रक्चर व अतिक्रमण का पूरा ब्योरा, S+4 फ्लोर नीति पर हाई कोर्ट की सख्ती

 
Naya Haryana : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के बाद हरियाणा में स्टिल्ट प्लस चार (S+4) फ्लोर नीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, इसी के चलते हरियाणा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने पूरे राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षमता, अतिक्रमण और फंड के उपयोग को लेकर विस्तृत डेटा जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशालय की तरफ से 29 अप्रैल को जारी आदेश में सभी शहरी एजेंसियों नगर निगम, HSVP, HSIIDC और अन्य शहरी निकायों को निर्देश दिया है कि वे 1 मई सुबह 10:30 बजे तक अपनी रिपोर्ट जमा करें। यह रिपोर्ट 4 मई को होने वाली अगली सुनवाई से पहले अदालत में पेश की जाएगी। Naya Haryana

S+4 फ्लोर निर्माण को चुनौती

मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला सिविल जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें हरियाणा में रिहायशी प्लॉट्स पर S+4 फ्लोर निर्माण को चुनौती दी गई है। 27 अप्रैल के आदेश में अदालत ने खास तौर पर गुरुग्राम के सेक्टर-28 और डीएलएफ फेज-1 का जिक्र किया, लेकिन साथ ही साफ किया कि पहले दिए गए राज्यभर के आदेश अंतिम फैसले पर निर्भर रहेंगे। Naya Haryana

जानकारी के मुताबिक, अदालत ने यह भी कहा है कि नगर निकाय नियमों के अनुसार अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई जारी रख सकते हैं। उच्चस्तरीय बैठक के बाद विभाग ने एजेंसियों से कई अहम जानकारियां मांगी हैं, जिनमें— Naya Haryana

बाहरी विकास शुल्क (ईडीसी) और अन्य शुल्कों से जुटाई गई राशि और उसका उपयोग

लंबित फंड के उपयोग की समयसीमा

भविष्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए जरूरी अतिरिक्त बजट Naya Haryana

शहरों में इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षमता का आकलन (सड़क, सीवरेज, पानी, पार्किंग आदि)

राइट ऑफ वे पर अतिक्रमण और स्टिल्ट पार्किंग के दुरुपयोग

जानकारी के मुताबिक, सबसे अहम बात यह है कि विभाग ने सड़कों (राइट ऑफ वे) पर अतिक्रमण और स्टिल्ट पार्किंग के दुरुपयोग का कालोनीवार पूरा रिकार्ड मांगा है। इसमें यह भी बताना होगा कि कहां-कहां तोड़फोड़, सीलिंग या नोटिस जैसी कार्रवाई की गई है और उसके फोटो सबूत भी देने होंगे। Naya Haryana

मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरुग्राम में S+4 फ्लोर की नई मंजूरियों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल S+4 पोर्टल और होबपास सिस्टम पर आवेदन प्रक्रिया को अस्थायी रूप से पहले ही बंद कर दिया गया है। Naya Haryana

जानकारी के मुताबिक, शहरी योजनाकारों का मानना है कि यह पूरा डेटा भविष्य की नीतियों को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। वहीं, पुराने सेक्टरों के निवासी लंबे समय से बढ़ती भीड़, पार्किंग की कमी और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव को लेकर चिंता जता रहे हैं।