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Haryana: हरियाणा में बिजली विभाग के लाइनमैन को 4 साल की कारावास, रिश्वत मामले में किया था गिरफ्तार 

 
चंडीगढ़/सोनीपत, 11 मार्च। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सोनीपत की अदालत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने बिजली विभाग, मुरथल (जिला सोनीपत) में कार्यरत आरोपी सुरेन्द्र (लाइनमैन) को रिश्वत लेने के मामले में दोषी ठहराते हुए 4 वर्ष के कठोर कारावास तथा 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

मामले के अनुसार, दिनांक 18 जून 2020 को एक शिकायतकर्ता ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी सुरेन्द्र ने उसके ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर बदलने के बदले 8,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए ब्यूरो ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियोग संख्या 05, दिनांक 18.06.2020, धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

जांच के दौरान आरोपी को 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। पर्याप्त साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए धारा 7 एवं 13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सजा सुनाई।

यह फैसला न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कानून के हाथ लंबे हैं और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।