Haryana: हरियाणा में इस यूनिवर्सिटी पर ED की बड़ी कार्रवाई, 140 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच
मनी लॉन्ड्रिंग जांच में सामने आए गंभीर आरोप
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और उससे जुड़े लोगों के जरिए अवैध धन को यूनिवर्सिटी के निर्माण और विकास में लगाया गया। एजेंसी का दावा है कि इस धन को अलग-अलग बैंक खातों और लेन-देन के माध्यम से घुमाया गया, जो मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आता है। ईडी का कहना है कि यूनिवर्सिटी की कई संपत्तियां अपराध से अर्जित धन से बनाई गई थीं।
चेयरमैन समेत अन्य आरोपियों पर चार्जशीट
इस मामले में ईडी ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। एजेंसी के अनुसार, संपत्तियों को अटैच करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच और अदालती प्रक्रिया के दौरान इन परिसंपत्तियों को बेचा या किसी अन्य के नाम ट्रांसफर न किया जा सके।
पुराने आपराधिक मामले से जुड़ी जांच
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला दिल्ली में हुए एक पुराने धमाका केस की जांच से जुड़ा हुआ है। उसी जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले थे, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू की। जांच में जैसे-जैसे परतें खुलीं, यूनिवर्सिटी से जुड़ी संदिग्ध वित्तीय गतिविधियां सामने आती गईं।
ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और यदि आगे और ठोस सबूत मिलते हैं तो अतिरिक्त संपत्तियों को भी जब्त किया जा सकता है। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है। वहीं, इस कार्रवाई पर अल-फलाह यूनिवर्सिटी या उसके प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। माना जा रहा है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में अपना पक्ष रखेगा।