{"vars":{"id": "128336:4984"}}

Haryana: हरियाणा में मुख्य सचिव पद को लेकर चर्चाओं पर विराम, छुट्टी के दौरान CM नायब सैनी ही निपटाएंगे फाइलें

 
Haryana News: हरियाणा में मुख्य सचिव (CS) आईएएस अनुराग रस्तोगी के अवकाश के दौरान किसी अन्य आईएएस अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपे जाने की अटकलों पर अब विराम लग गया है। हार्ट अटैक के बाद अनुराग रस्तोगी की बाईपास सर्जरी हो चुकी है और वह 22 जनवरी तक छुट्टी पर रहेंगे। इस दौरान सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार किसी को नहीं दिया जाएगा।

सरकार के फैसले के अनुसार, रस्तोगी की छुट्टी के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं वे फाइलें निपटाएंगे, जिनमें मुख्यमंत्री सक्षम प्राधिकारी हैं। वहीं, जिन मामलों में मुख्य सचिव सक्षम प्राधिकारी होते हैं, उन्हें मुख्य सचिव कार्यालय के अधिकारी अपने स्तर पर निपटाएंगे।

पहली बार CS के बिना चल रहा प्रशासन
प्रदेश में यह पहली बार हुआ है जब एक सप्ताह से अधिक समय तक बिना मुख्य सचिव के ही प्रशासनिक कामकाज चल रहा है। इसी वजह से अफसरशाही में यह चर्चा तेज थी कि सरकार किसी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंप सकती है, लेकिन सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया।

CM के सामने रखे जाएंगे महत्वपूर्ण मामले
सरकार की ओर से जारी व्यवस्था के तहत, मुख्य सचिव की अवकाश अवधि में जिन मामलों में मुख्यमंत्री निर्णय लेने वाले प्राधिकारी हैं, उन्हें सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जबकि जिन मामलों में मुख्य सचिव का अधिकार क्षेत्र आता है, उन्हें संबंधित विभागीय अधिकारी अपने स्तर पर निपटाएंगे।

रोजाना भेजी जाएगी लंबित मामलों की सूची
निर्देश दिए गए हैं कि हर दिन शाम 5 बजे तक सभी लंबित मामलों की सूची हस्ताक्षर के लिए भेजी जाएगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को सलाह दी गई है कि इस अवधि में वे अवकाश न लें। यदि अवकाश अत्यंत आवश्यक हो, तो इसके लिए मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं अनुराग रस्तोगी
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को 8 जनवरी की देर रात हार्ट अटैक आया था। जांच में सामने आया कि उनकी एक धमनी 100 प्रतिशत और दूसरी 92 प्रतिशत तक ब्लॉक थी, जिसके चलते उनकी बाईपास सर्जरी करनी पड़ी। 60 वर्षीय रस्तोगी 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह मुख्य सचिव के साथ-साथ वित्त विभाग का भी प्रभार संभाल रहे हैं। पिछले वर्ष प्रदेश सरकार ने उन्हें एक साल का सेवा विस्तार भी दिया था। फिलहाल वह चिकित्सकीय सलाह पर बेड रेस्ट पर हैं।