Haryana: 39वें सूरजकुंड मेले में रौनक बढ़ा रहे टेडी बियर, हाथी और गुडिय़ा की बच्चे कर रहे खरीद
मेला परिसर में टेडी बियर के स्टॉल संचालकों ने बताया कि मखमल, साटन, सिंथेटिक फर, कपास, डेनिम और क्रोशे जैसे विभिन्न प्रकार के कपड़ों और धागों का उपयोग कर इन टेडी बियर को तैयार किया है। अलग-अलग आकार, रंग और डिजाइन में उपलब्ध ये टेडी बियर न केवल देखने में सुंदर हैं, बल्कि बेहद मुलायम और टिकाऊ भी हैं।
मेले में केवल टेडी बियर ही नहीं, बल्कि सिंथेटिक फर और कपास से बनाए गए कछुआ, हाथी और विभिन्न प्रकार की गुडिय़ा आदि खिलौने भी बच्चों और युवाओं की पहली पसंद बने हुए हैं। मेला परिसर में ये टेडी बियर न केवल बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला रहे हैं, बल्कि शिल्पकारों के लिए भी रोजगार और पहचान का माध्यम बन रहे हैं।
टेराकोटा कला से बनाए कुकर और कढ़ाई पर्यटकों को खूब पसंद आए
सूरजकुंड मेला में टेराकोटा कला (पकी हुई मिट्टी) से निर्मित बर्तनों की खूब हो रही बिक्री
सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला हस्तशिल्प कला को देश के साथ विष्व भर में पहचान दे रहा है। यह मेला शिल्पकारों के हुनर को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहा है। इन्हीं में से टेराकोटा कला (पकी मिट्टी से निर्मित वस्तु) से बर्तन तैयार करने वाले शिल्पकारों के स्टॉल पर पर्यटकों की खूब भीड़ लग रही है और इन बर्तनों जमकर खरीदारी भी हो रही है। इन स्टॉल पर टेराकोटा कला से तैयार कुकर और कढ़ाई पर्यटकों को खूब पसंद आ रही है।
मेला परिसर में टेराकोटा कला को बढ़ावा दे रहे शिल्पकार ने बताया कि मिट्टी के बर्तनों में जहां खाना स्वादिष्ट बनता है, वहीं इनमें बना खाना स्वास्थ्य की दृष्टि से भी काफी लाभकारी होते हैं। इस बार मेला में पकी हुई मिट्टी से बनाए अलग-अलग साइज में कुकर और कढ़ाई की काफी मांग है। इसके अलावा मिट्टी के तवे भी पर्यटकों को खूब पसंद आ रहे हैं।