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हरियाणा में एआई से सुधरेगी जनसेवाएं: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लॉन्च किया 'हरियाणा एआई सैंडबॉक्स'

गुरुग्राम:हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने सोमवार को गुरुग्राम में हरियाणा एआई सैंडबॉक्स (Haryana AI Sandbox) का शुभारंभ किया। यह पहल सरकारी सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
 
 

गुरुग्राम: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने सोमवार को गुरुग्राम में हरियाणा एआई सैंडबॉक्स (Haryana AI Sandbox) का शुभारंभ किया। यह पहल सरकारी सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए किसी भी नागरिक का आवेदन केवल एक फाइल नहीं, बल्कि एक परिवार की उम्मीद और आकांक्षा का प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि एआई के जरिए शासन को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाया जाएगा, जिससे विकास संबंधी चुनौतियों की पहचान और समाधान अधिक सटीक तरीके से हो सकेगा।

क्या है हरियाणा एआई सैंडबॉक्स?

हरियाणा एआई सैंडबॉक्स एक सुरक्षित और नियंत्रित मंच है, जहां सरकारी विभाग अपनी वास्तविक समस्याएं और चुनौतियां साझा करेंगे। इसके बाद नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप्स और तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा उन समस्याओं के समाधान के लिए एआई आधारित मॉडल तैयार और परीक्षण किए जाएंगे। सफल होने पर इन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे डेटा आधारित प्रशासन को बढ़ावा मिलेगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता तथा दक्षता बढ़ेगी।

'म्हारी सड़क' ऐप का दिया उदाहरण

मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि एआई का इस्तेमाल सड़कों की मरम्मत में भी किया जा सकता है। उन्होंने 'म्हारी सड़क' ऐप का उदाहरण देते हुए कहा कि एआई तकनीक तस्वीरों का विश्लेषण कर क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान कर सकती है, जिससे मरम्मत कार्य तेजी से पूरा होगा। उन्होंने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में एआई की मदद से शिक्षकों की तैनाती अधिक वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं में यह तकनीक गंभीर मरीजों की पहचान कर डॉक्टरों को प्राथमिकता तय करने में सहायता करेगी।

पांच प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा फोकस

हरियाणा एआई सैंडबॉक्स की शुरुआत पांच प्राथमिक क्षेत्रों के साथ की गई है। इनमें—

  • सड़क अवसंरचना का सुधार

  • शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना

  • स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करना

  • जलापूर्ति प्रणाली में सुधार

  • नागरिक सेवाओं की दक्षता बढ़ाना

शामिल हैं।

विश्व बैंक करेगा सहयोग

इस पहल को World Bank का भी समर्थन प्राप्त है। भारत में विश्व बैंक के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर Paul Procee ने हरियाणा सरकार की डिजिटल सोच की सराहना करते हुए कहा कि विश्व बैंक राज्य सरकार की एआई क्षमताओं और कौशल विकास को मजबूत करने में पूरा सहयोग देगा।

गूगल, एडब्ल्यूएस और माइक्रोसॉफ्ट के विशेषज्ञ सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डिजिटल नवाचार में योगदान देने वाले Google, Amazon Web Services (AWS) और Microsoft के तकनीकी विशेषज्ञों को भी सम्मानित किया।

भविष्य में कृषि और परिवहन क्षेत्र भी जुड़ेंगे

राज्य सरकार की योजना भविष्य में इस एआई सैंडबॉक्स का विस्तार कृषि, शहरी विकास और परिवहन जैसे क्षेत्रों तक करने की है। सरकार का लक्ष्य गुरुग्राम और Panchkula को एआई आधारित प्रशासन और नवाचार के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से युवाओं को नई तकनीकों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा और वे केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान विकसित करने वाले नवप्रवर्तक बन सकेंगे। इससे हरियाणा में तकनीक आधारित सुशासन को नई दिशा मिलेगी।