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Haryana: करनाल के पशु मेले में चन्नो गाय ने जीता खिताब, 77.977 लीटर दूध देकर बनी चैंपियन

 
Haryana: हरियाणा के करनाल मेले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में करनाल की राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) में आयोजित दुग्ध प्रतियोगिता में पशुओं की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया गया। 

जानकारी के मुताबिक, इस प्रतियोगिता में झिंझाड़ी गांव के डेयरी फार्म की गाय चन्नो ने 24 घंटे में 77.977 लीटर दूध देकर चैंपियन का खिताब हासिल किया।

झज्जर जिले के सुंदरेठी गांव के पशुपालक अजय कुमार की मुर्रा नस्ल की भैंस बाणी ने 31.140 किलोग्राम दूध देकर अपनी श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में अलग-अलग नस्लों के पशुओं ने हिस्सा लिया और दूध उत्पादन के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया। Haryana News

मेहनत रंग लाई

मिली जानकारी के अनुसार, झिंझाड़ी के पशुपालक सुनील मेहला ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके डेयरी फार्म का नाम सिल्लु और शैंकी डेयरी फॉर्म है। यहां करीब 200 पशु हैं और परिवार पिछले कई वर्षों से डेयरी व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि 2016 से उन्होंने डेयरी का काम शुरू किया और 2018 से अलग-अलग डेयरी मेलों में भाग लेना शुरू किया।

जानकारी के मुताबिक, इस बार प्रतियोगिता में वे पांच गाय लेकर पहुंचे थे। इनमें से एक गाय ने करीब 78 लीटर दूध दिया, जबकि बाकी चार गायों ने 75 लीटर से अधिक दूध दिया। सभी गायों ने प्रतियोगिता में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। Haryana News

रखते हैं पूरा ध्यान

उनकी डेयरी में पशुओं की देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाता है। पशुओं को साइलेज, हरा चारा, फीड और तूड़ी दी जाती है। इसके अलावा गर्मी से बचाने के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने बताया कि मेले के दौरान भी गायों के पास कूलर लगाए जाते हैं, ताकि वे आराम महसूस करें और सही तरीके से दूध दे सकें। Haryana News

कई ऑफर आए

सुनील मेहला ने बताया कि उनकी गायों के अच्छे प्रदर्शन के कारण कई बार उन्हें खरीदने के ऑफर भी मिल चुके हैं। इसके बावजूद वे इन गायों को बेचने के लिए तैयार नहीं होते। 

बनाया था एशिया का रिकॉर्ड

जानकारी के मुताबिक, उनकी डेयरी फार्म की ही गाय सोनी ने पिछले वर्ष 24 घंटे में 87 किलो 740 ग्राम दूध देकर एशिया में सबसे ज्यादा दूध देने वाली गाय का रिकॉर्ड बनाया था। यह उपलब्धि भी राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल में आयोजित डेयरी मेले के दौरान दर्ज की गई थी। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, उस प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रहने वाली गाय ने 70 किलो 548 ग्राम दूध दिया था। खास बात यह रही कि दोनों गायें एक ही किसान सुनील मेहला की थीं और दोनों हॉल्स्टीन फ्रिसियन नस्ल की गाय थी। इस उपलब्धि को इसलिए भी खास माना गया क्योंकि उनकी डेयरी की गाय ने लगातार दूसरी बार अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

जीत हासिल

सुनील मेहला ने बताया कि इस बार उनकी गाय ने पिछले साल की तुलना में कम दूध दिया, लेकिन इसके बावजूद वह प्रतियोगिता में विजेता रही। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में कई अच्छे पशु आए थे, लेकिन उनकी गाय ने दूध उत्पादन के मामले में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया।

बना रहे पहचान

जानकारी के मुताबिक, सुनील ने बताया कि उनके दादा और पिता भी लंबे समय से पशुपालन के काम से जुड़े रहे हैं। परिवार की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद नौकरी करने के बजाय पशुपालन को ही अपना पेशा बना लिया। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, सुनील के भाई शैंकी ने बताया कि उनके डेयरी फार्म पर हर साल करीब 30 से 35 बछड़े और बछड़ियां पैदा होती हैं। इनमें से 10 से 15 गायों को बेच दिया जाता है, लेकिन जो गायें रिकॉर्ड बनाती हैं या विशेष क्षमता रखती हैं, उन्हें किसी भी हालत में नहीं बेचा जाता। 

अच्छी आमदनी

सुनील मेहला ने बताया कि उनके पास 100 से ज्यादा पशु हैं, जिनमें ज्यादातर हॉल्स्टीन फ्रिसियन नस्ल की गायें हैं। डेयरी में तैयार होने वाला दूध नेस्ले जैसी कंपनियों को बेचा जाता है। उन्होंने बताया कि कंपनियां दूध को 38 से 40 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से खरीदती हैं। डेयरी से हर महीने अच्छी आमदनी हो जाती है, जिससे परिवार के खर्च भी निकल जाते हैं और बचत भी हो जाती है। Haryana News

सलाह

जानकारी के मुताबिक, सुनील मेहला ने अन्य किसानों और पशुपालकों को सलाह दी, कि यदि वे पशुपालन करना चाहते हैं, तो सबसे पहले इसकी पूरी जानकारी हासिल करें। उन्होंने कहा कि सही देखभाल, संतुलित आहार और अच्छी ब्रीडिंग से ही डेयरी व्यवसाय में सफलता मिलती है। अगर किसी तरह की समस्या आती है, तो घबराने के बजाय विशेषज्ञों से सलाह लेकर समाधान ढूंढना चाहिए।