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Haryana Cabinet Meeting: हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) परियोजना की संशोधित लागत को कैबिनेट की मंजूरी, देखें क्या आएगी लागत ?

 
 

Haryana Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में महत्वाकांक्षी हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी प्रदान की गई। यह निर्णय राज्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 

कैबिनेट ने परियोजना की संशोधित लागत लगभग 11,709 करोड़ रुपये को मंजूरी दी, जो पहले स्वीकृत 5,618 करोड़ रुपये की तुलना में अधिक है। यह संशोधन वर्तमान बाजार परिस्थितियों, परियोजना के दायरे में विस्तार और नीतिगत बदलावों के आधार पर किया गया है। संशोधित लागत का अनुमोदन पहले ही हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HORCL) के निदेशक मंडल द्वारा किया जा चुका है, जो इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) है।

 

यह परियोजना हरियाणा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HRIDC) के तहत संयुक्त उद्यम मॉडल पर लागू की जा रही है, जिसमें सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ निजी भागीदार जैसे मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स भी शामिल हैं।

 


प्रोजेक्ट की लागत में बढ़ोतरी मुख्य रूप से कई वजहों से हो सकती है, जिसमें ज़मीन खरीदने की लागत में तेज़ी से बढ़ोतरी, अलाइनमेंट में चार्ज,  एनसीआर क्षेत्र में नए पुल, समय के साथ लागत में आम बढ़ोतरी, और काम के कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी रेट का 12 परसेंट से बढ़कर 18 परसेंट होना शामिल है। इसके अलावा, रेलवे की पॉलिसी में बदलाव और बेहतर टेक्निकल स्पेसिफिकेशन की ज़रूरत ने भी कंस्ट्रक्शन की लागत को बढ़ाया है।इसके अलावा, रेलवे नीतियों में बदलाव और उन्नत तकनीकी मानकों की आवश्यकता के कारण निर्माण लागत में भी वृद्धि हुई है।

 

संशोधित लागत में परियोजना के अतिरिक्त घटकों और दायरे में विस्तार को भी शामिल किया गया है, जैसे रेलवे यार्ड के ढांचे में बदलाव और कुछ हिस्सों में कनेक्टिविटी सुधार, जो मूल योजना का हिस्सा नहीं थे। इन परिवर्तनों का उद्देश्य परिचालन दक्षता को बढ़ाना और मौजूदा तथा प्रस्तावित रेल एवं माल ढुलाई कॉरिडोर, विशेषकर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC), के साथ निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करना है।

 

परियोजना पूर्ण होने पर यह खरखौदा, मानेसर और सोहना जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स हब को सीधे रेल संपर्क प्रदान करेगी। साथ ही, हरियाणा एनसीआर क्षेत्र में नए टाउनशिप के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कॉरिडोर माल परिवहन को सुगम बनाने, ट्रांजिट समय कम करने और राज्य में औद्योगिकीकरण को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।