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Haryana Budget 2026: हरियाणा के गुरुग्राम समेत 9 जिलों में स्थापित होंगे नए फायर स्टेशन, जमीनों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखेगी सरकार

 
चण्डीगढ, 2 मार्च - मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा स्वामित्व योजना के तहत सभी गांवों के पूरे और स्पष्ट भूमि रिकार्ड तैयार करके ग्रामीणों को उपलब्ध करवाए जाएंगे। विकास कार्यों के लिए भूमि की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 1 हजार करोड़ रुपए से समर्पित भूमि बैंक बनाया जाएगा। तेजी से बदलती तकनीक में रैवेन्यू अधिकारियों, कर्मचारियों के प्रशिक्षण हेतु कुरूक्षेत्र में राज्य स्तरीय राजस्व प्रशिक्षण स्थान बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जिनके पास वित मंत्री का भी प्रभार है विधानसभा में बजट पेश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16,555 करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिसमें से 25 फरवरी, 2026 तक 13,491 करोड़ रुपए खजाने में प्राप्त हो चुके हैं, जोकि लक्ष्य का 81.5 प्रतिशत है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व न्यायालयों में मामलों के निपटान एवं उनकी निगरानी की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए एक आईटी सक्षम, कागज रहित राजस्व न्यायालय केस प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी। इंतकाल मंजूर करने की प्रक्रिया को पूरी तरह स्वचालित बनाया जाएगा। इसके अलावा 100 करोड़ रुपए की लागत से एक राज्य स्तरीय अत्याधुनिक डेटा सेंटर की स्थापना की जाएगी। एक नई स्वचालित स्टांप शेयर ट्रांसफर प्रणाली से शहरी निकायों और पंचायतों को उनका 2 प्रतिशत स्टांप शुल्क सीधे उनके खातों में दिया जाएगा। सभी शहरी क्षेत्रों के कैडस्ट्रल नक्शों को अपडेट किया जाएगा।

आपदा को मजबूती देने हेतू हरियाणा राज्य आपदा मोचन बल किया जाएगा गठित

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आपदा तैयारी को नई मजबूती देने के लिए हरियाणा राज्य आपदा मोचन बल के गठन किया जाएगा। इसमें कुल 1,149 कर्मी शामिल होंगे जिनमें  अग्निवीरों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अग्नि-सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए विभाग द्वारा फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र जारी करने एवं उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला गुरुग्राम में 2 तथा फरीदाबाद, पंचकूला, अंबाला, सोनीपत, पानीपत, रेवाड़ी, पलवल तथा नूंह में एक-एक नया फायर स्टेशन स्थापित किया जाएगा। वर्ष 2027-28 के अंत तक फरीदाबाद और पलवल को बाढ़ मुक्त करने के लिए एक तकनीक आधारित योजना लागू की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संपत्ति के लेन-देन में पारदर्शिता और कानूनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए एग्रीमेंट टू सेल का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा ताकि धोखाधड़ी और अनावश्यक मुकदमेबाजी कम हो सके। वर्ष 2026-27 में विभाग के लिए 19,500 करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य किया गया जो पिछले वर्ष की तुलना में 17.8ः अधिक है। वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 2,180.88 करोड़ रुपए से 84.53 प्रतिंशत से बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में 4,024.28 करोड़ रुपए किया गया है।