Haryana: हरियाणा में श्रमिकों को बड़ा तोहफा; न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी, 1 अप्रैल 2026 से होगी लागू
चार नई संहिताओं के लागू होने के बाद न्यूनतम वेतन वृद्धि करने वाला हरियाणा पहला राज्य- विज
श्री विज ने इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा पहला राज्य है जिसने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय के अंतर्गत चार नई श्रम संहिताएँ-(वेतन संहिता, 2019; औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020; तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020) के लागू होने के उपरांत अपने राज्य में श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की दरों में भारी वृद्धि की है।
न्यूनतम वेतन दरों में लगभग 35 प्रतिशत तक हुई वृद्धि- विज
उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक निर्णय से राज्य के लाखों श्रमिकों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि अब अकुशल (अनस्किल्ड) श्रमिक का वेतन 11274.60 रुपये से बढ़कर 15220 रुपये होगा, जिसके तहत लगभग 3945.40 रुपये की बढ़ोतरी होगी और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी। इसी प्रकार, अर्द्ध-कुशल (सेमी-स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 12430.18 रुपये से बढ़कर 16780.74 रुपये होगा, जिसके अंतर्गत इस श्रेणी के श्रमिकों का 4350.56 रुपये वेतन बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी।
श्री विज ने बताया कि कुशल (स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 13704.31 रुपये से बढ़कर 18500.81 रुपये होगा, जिसके तहत इस श्रेणी के श्रमिकों का वेतन 4796.50 रुपये बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत होगी। इस तरह, उच्च कुशल (हाई-स्किल्ड) श्रमिकों का वेतन 14389.52 रुपये से बढ़कर 19425.85 रुपये होगा, जिसके तहत इस श्रेणी के श्रमिकों का 5036.33 रुपये वेतन बढ़ेगा और यह बढ़ोतरी भी लगभग 35 प्रतिशत होगी।
श्री विज ने बताया कि चार नई श्रम संहिताएँ-वेतन संहिता, 2019; औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020; तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020- को 21 नवंबर 2025 से लागू किया गया और इन संहिताओं के लागू होने से देश के 29 पुराने और बिखरे हुए श्रम कानूनों का सरलीकरण और तर्कसंगत एकीकरण किया गया है।
श्रमिकों की आय में यह उल्लेखनीय वृद्धि- विज
उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय श्रमिकों के कल्याण के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। श्री विज के कुशल नेतृत्व में श्रम विभाग ने लगातार ऐसे जनहितकारी कदम उठाए हैं, जिनसे श्रमिक वर्ग को आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की आय में यह उल्लेखनीय वृद्धि न केवल उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाएगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी।
श्रमिकों के हितों की रक्षा करना मेरी प्राथमिकता - विज
श्री विज ने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा श्रमिकों के हितों की रक्षा करना और उन्हें बेहतर कार्य परिस्थितियाँ उपलब्ध कराना रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी श्रमिकों के हित में इसी प्रकार के ठोस और प्रभावी निर्णय लिए जाते रहेंगे।
श्री विज की कार्यशैली सदैव पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा के मूल्यों पर आधारित
उल्लेखनीय है कि श्री अनिल विज की कार्यशैली सदैव पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा के मूल्यों पर आधारित रही है। उनके नेतृत्व में श्रम विभाग ने न केवल नीतिगत सुधार किए जा रहे हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर उनके प्रभावी क्रियान्वयन को भी सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे श्रमिकों को वास्तविक लाभ प्राप्त हो सकें।
श्रमिक देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़- विज
श्री विज ने कहा कि श्रमिक देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके सशक्तिकरण के बिना समग्र विकास संभव नहीं है। इसी दृष्टिकोण के साथ राज्य सरकार निरंतर श्रमिक हितैषी नीतियों को लागू कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षित कार्य वातावरण को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए भविष्य में और भी व्यापक कदम उठाए जाएंगे।
न्यूनतम वेतन वृद्धि श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी - विज
उन्होंने विश्वास दिलाया कि यह ऐतिहासिक वेतन वृद्धि श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी और उनके परिवारों को आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी। श्री अनिल विज के इस सराहनीय प्रयास से प्रदेश में श्रमिक कल्याण की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ा है, जो अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।