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Haryana: हरियाणा में 70 करोड़ के फर्जीवाड़े में बड़ा एक्शन, 35 हजार क्विंटल धान गायब, सीनियर मैनेजर गिरफ्तार 

 
Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। खरीफ सीजन में सामने आए करीब 70 करोड़ रुपये के धान घोटाले में SIT ने हैफेड के सीनियर मैनेजर सलेंद्र को तेजली स्टेडियम के पास से गिरफ्तार कर लिया। 

जानकारी के मुताबिक, सलेंद्र के पास प्रतापनगर और रंजीतपुर क्षेत्र का प्रभार था। इन क्षेत्रों में धान के स्टाक और रिकार्ड में भारी गड़बड़ी मिली है। इसी आधार पर कार्रवाई की गई। आरोपित से पूछताछ जारी है। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, मामले का खुलासा 13 नवंबर को हुआ था। उस दिन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक ने छछरौली निवासी संदीप सिंगला के प्रतापनगर राइस मिल का निरीक्षण किया था। यंहा एक ही परिसर में चार मिल चल रहे थे। जांच में करीब 42 करोड़ रुपये का धान इसके बाद रंजीतपुर के दो और छछरौली के एक राइस मिल की भी जांच की गई।

जानकारी के मुताबिक, वहां भी धान के स्टाक और रिकार्ड में गंभीर विसंगतियां मिलीं। सिंगला के सातों मिल में घोटाले की राशि 70 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। मिलिंग नीति के तहत इन मिलों को 59,926.124 क्विंटल धान आवंटित हुआ था। 14 नवंबर को भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में केवल 24,504.375 क्विंटल धान ही मिला। इस तरह 35,421.75 क्विंटल धान का अभाव पाया गया। इस धान पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और हैफेड के अधिकारियों ने दावा किया था। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने जांच के दौरान संदीप सिंगला के राइस मिलों से कई दस्तावेज कब्जे में लिए। इनमें धान खरीद के गेट पास, अप्रैल से नवंबर तक के खरीद रिकार्ड, परिवहन दस्तावेज, विभागीय रिपोर्ट, भौतिक सत्यापन के कागजात और स्टाक रजिस्टर शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों में काल्पनिक खरीद, फर्जी मिलिंग और परिवहन भुगतान में गड़बड़ी के संकेत मिले हैं।

जानकारी के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि मिलों की पावर आफ अटॉर्नी रीतिका सिंगला ने अपने पति संदीप सिंगला के नाम कर रखी थी। SIT मंडियों से उठान, परिवहन और GPS डाटा का मिलान कर रही है। CCTV फुटेज और डिजिटल लॉग फाइल की जांच भी जारी है। बैकडेट प्रविष्टियों और साफ्टवेयर में बदलाव की भी जांच हो रही है। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में दो दिसंबर को संदीप सिंगला को गिरफ्तार किया गया था। उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पुलिस ने तीन चरणों में 18 दिन के रिमांड पर उससे पूछताछ की। जांच में मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल, मंडी गेट पास, मिल आवंटन और स्टॉक सत्यापन में भी कई विसंगतियां सामने आईं।

जानकारी के मुताबिक, नौ दिसंबर को हैफेड के फील्ड इंस्पेक्टर राजेश कुमार और चंद्र मोहन तथा वरिष्ठ प्रबंधक सलेंद्र कुमार को निलंबित किया गया था। तकनीकी अधिकारी अनिल कुमार को भी निलंबित कर कुरुक्षेत्र कार्यालय से संबद्ध किया गया। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के AFSO और इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई की थी। मार्केट कमेटी के पांच सचिवों को आरोप पत्र दिया गया है। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, तकनीकी अधिकारी अनिल कुमार की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में और अधिकारियों की भूमिका सामने आ सकती है।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस की रडार पर हैफेड, मंडी बोर्ड, मार्केट कमेटी, मंडी प्रशासन और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय के 30 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी हैं। उनके रिकार्ड और जिम्मेदारियों की जांच की जा रही है। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के महानिदेशक ने 26 नवंबर तक आरोप पत्र और दस्तावेज मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए थे। आदेश में कहा गया था है कि मिलिंग, निरीक्षण और भंडारण प्रणाली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिले की 182 राइस मिलों में अब कठोर भौतिक सत्यापन लागू किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, SIT और जगाधरी DSP राजीव मिगलानी ने बताया कि आरोपित को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। जांच में जिसका भी नाम आएगा उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी।