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Haryana: यमुनानगर के 4 युवाओं ने रचा इतिहास, 2 अधिकारियों सहित चार ने पास की UPSC परीक्षा 

 
Haryana: संघर्ष जीवन में वो फल देता है जिसके आनंद जीते जी उठाया जा सकता है। हाल ही में UPSC द्वारा परीक्षा का परिणाम जारी किया गया था, जिसमे हरियाणा के 37 युवाओं ने बाजी मारी है। UPSC के इस परीक्षा के परिणाम में यमुनानगर जिले के 4 युवाओं ने शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। 

यमुनानगर जिले की मानसी गुप्ता ने 78वीं रैंक, कशिश कालड़ा ने 96वीं रैंक, जगाधरी में कार्यरत खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी दीपांशु जिंदल ने 38वीं रैंक और कृषि विभाग में कार्यरत अमनप्रीत ने 319वीं रैंक हासिल की है। UPSC Success Story

मानसी की कहानी

24 मई 2000 को यमुनानगर के जगाधरी में जन्मी मानसी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया है। रोजाना करीब 8-8 घंटे की पढ़ाई और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने की वजह से वह इस मुकाम तक पहुंच पाईं।

मानसी ने बताया कि उनकी मां शिवानी पेशे से डॉक्टर हैं, पिता राहुल गुप्ता सीए हैं और भाई रोहन गुप्ता वकालत करते हैं। परिवार के सभी सदस्यों का अलग-अलग पेशा होने के कारण उन्होंने भी अपने लिए अलग रास्ता चुना और आज उन्हें अपनी मंजिल मिल गई है। UPSC Success Story

मानसी ने 12वीं तक की पढ़ाई स्वामी विवेकानंद स्कूल से की। 12वीं कक्षा में कॉमर्स में टॉपर रहने के बाद उन्होंने वकालत की पढ़ाई चुनी और इसके लिए नेशनल लॉ कॉलेज बेंगलुरु में दाखिला लिया।

मानसी का कहना है कि लॉ की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें एहसास हुआ कि कोर्ट में बहस करने के बजाय अगर वह IAS अधिकारी बनेंगी तो कानून को लागू कराने का काम कर सकेंगी। इसी सोच ने उनका रुझान UPSC की ओर बढ़ाया। UPSC Success Story

उन्होंने बताया कि लॉ की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पहली बार UPSC की परीक्षा दी थी, लेकिन उस समय वह प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं कर पाई थी। पहला प्रयास उन्होंने सिर्फ परीक्षा को समझने के लिए दिया था। 2023 में ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC को ही अपना लक्ष्य बना लिया।

उन्होंने UPSC की तैयारी ऑनलाइन माध्यम से की। 2024 में दूसरी बार परीक्षा देने पर उन्होंने प्रीलिम्स और मेन्स पास कर इंटरव्यू तक का सफर तय किया, लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बना पाईं। इसके बाद उन्होंने अपनी कमियों पर काम किया और खास तौर पर ऑप्शनल विषय पर अधिक ध्यान दिया। UPSC Success Story

उन्होंने बताया कि तीसरे प्रयास के लिए वह पूरी तरह तैयार थीं। करीब 3 साल की लगातार मेहनत और लगन के बाद आखिरकार उन्होंने यह मुकाम हासिल कर लिया। दिसंबर में उनका इंटरव्यू हुआ था और अब जारी हुई सूची में उन्हें 78वीं रैंक मिली है।

कशिश कालड़ा की कहानी

यमुनानगर जिले की ही बेटी कशिश कालड़ा ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 96वीं रैंक हासिल की है। इससे पहले कशिश ने परीक्षा में 111वीं रैंक प्राप्त की थी, लेकिन इस बार बेहतर रैंक के साथ उन्होंने अपने परिवार और जिले का नाम और ऊंचा कर दिया है।

शहर के सेक्टर-17 निवासी कशिश कालड़ा ने महज 24 साल की उम्र में यह बड़ी सफलता हासिल की है। उनका जन्म 22 सितंबर 2001 को हुआ था। UPSC Success Story

कशिश के पिता गुलशन कालड़ा हरियाणा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, पंचकूला में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह यमुनानगर में जिला दमकल अधिकारी भी रह चुके हैं। 

गुलशन कालड़ा ने बताया कि कशिश की प्रारंभिक शिक्षा जगाधरी के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हुई, जहां से उन्होंने दसवीं पास की। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चली गईं और दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरके पुरम से 12वीं की शिक्षा पूरी की। 12वीं के बाद कशिश ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमेन से राजनीति विज्ञान (ऑनर्स) में स्नातक की पढ़ाई की। UPSC Success Story

परिवार के अनुसार कशिश बचपन से ही पढ़ाई में होनहार रही हैं और उन्होंने शुरू से ही IAS अधिकारी बनने का सपना देखा था। लक्ष्य तय कर उन्होंने लगातार मेहनत की और आज उसी का परिणाम है कि उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। कशिश माता-पिता की इकलौती संतान हैं।  

दीपांशु जिंदल की कहानी 

जगाधरी में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के पद पर कार्यरत दीपांशु जिंदल ने सिविल सेवा परीक्षा में पूरे देश में 38वां स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि पर उपायुक्त प्रीति, पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी। UPSC Success Story

दीपांशु जिंदल का जन्म पंजाब के मोगा जिले में हुआ है और उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई वहीं से की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से कॉमर्स ऑनर्स में स्नातक किया, जहां वह टॉपर रहे।

इससे पहले वह हरियाणा सिविल सर्विसेज परीक्षा में भी छठा स्थान प्राप्त कर चुके हैं और वर्तमान में जगाधरी में BDPO के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के संस्कारों, बहन-जीजा और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन को दिया। UPSC Success Story

अमनप्रीत की कहानी

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग यमुनानगर में सब डिवीजनल एग्रीकल्चर अधिकारी के पद पर कार्यरत अमनप्रीत ने भी सिविल सेवा परीक्षा में 319वीं रैंक हासिल की है। 

अमनप्रीत ने 10वीं की परीक्षा मदर टेरेसा पब्लिक स्कूल पीपली से पास की। इसके बाद उन्होंने BSC कृषि विश्वविद्यालय कौल से की, MSC और PHD की डिग्री चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार से प्राप्त की। UPSC Success Story

नौकरी के साथ-साथ तैयारी करते हुए उन्होंने यह सफलता हासिल की है। खास बात यह है कि हाल ही में 8 फरवरी को उनकी शादी यमुनानगर के गांव टेही निवासी शालिनी के साथ हुई है।