हरियाणा की शिक्षा पर बड़ा सवाल, गुरुग्राम का प्रदर्शन पटियाला से भी खराब
चंडीगढ़: हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था की चमचमाती तस्वीर को झटका देने वाली एक रिपोर्ट सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2024-25 रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि हरियाणा का सबसे विकसित और संसाधन-संपन्न जिला गुरुग्राम भी सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन में पंजाब के सबसे निचले पायदान वाले जिले पटियाला से पीछे रह गया है।
हरियाणा का सबसे विकसित जिला भी सरकारी शिक्षा के मामले में कमजोर
गुरुग्राम को देश के प्रमुख निजी और अंतरराष्ट्रीय स्कूलों का केंद्र माना जाता है, लेकिन सरकारी स्कूलों की स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई देती है। रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम को 375 अंक मिले, जबकि पंजाब के पटियाला ने 383 अंक हासिल किए। यह अंतर दर्शाता है कि हरियाणा का सबसे विकसित जिला भी सरकारी शिक्षा के मामले में पंजाब के सबसे कमजोर जिले से बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाया।
हरियाणा में पंचकूला सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला जिला रहा, जिसने 373 अंक प्राप्त किए। वहीं, नूंह केवल 275 अंकों के साथ राज्य में सबसे नीचे रहा। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता में भारी असमानता उजागर होती है। अन्य जिलों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो करनाल ने 365, जींद ने 360 और कुरुक्षेत्र ने 358 अंक हासिल किए। सोनीपत को 352, रोहतक को 347 और अंबाला को 341 अंक मिले। वहीं पलवल 319 अंकों के साथ निचले पायदानों में शामिल रहा।
हरियाणा का प्रदर्शन कमजोर रहा
राज्य स्तर पर भी हरियाणा का प्रदर्शन कमजोर रहा। वर्ष 2023-24 में राज्य का PGI स्कोर 591.4 था, जो 2024-25 में घटकर 587.1 रह गया। इसके चलते राष्ट्रीय रैंकिंग में हरियाणा आठवें स्थान से फिसलकर 14वें स्थान पर पहुंच गया। राज्य को "प्रचेष्टा-3" ग्रेड में रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, "लर्निंग आउटकम्स एंड क्वालिटी" श्रेणी में हरियाणा को 240 में से केवल 79.9 अंक मिले, जबकि "गवर्नेंस प्रोसेसेस" श्रेणी में 130 में से 47.1 अंक प्राप्त हुए। ये आंकड़े शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को दर्शाते हैं।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि जहां हरियाणा का निजी शिक्षा क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है, वहीं सरकारी स्कूलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। गुरुग्राम, नूंह और यहां तक कि शीर्ष प्रदर्शन करने वाले पंचकूला जैसे जिलों के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि राज्य में सभी छात्रों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। PGI रिपोर्ट के आंकड़े हरियाणा सरकार के सामने गंभीर चुनौती पेश करते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में वास्तविक सुधार के लिए सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता, बुनियादी सुविधाओं और सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।