1 जून से उद्योगों पर 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी, प्रदूषण फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
उद्योगों से होने वाले उत्सर्जन और अपशिष्ट जल की निगरानी OCEMS के जरिए
इसके तहत उद्योगों से होने वाले उत्सर्जन और अपशिष्ट जल की निगरानी ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन/एफ्लुएंट मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) के जरिए की जाएगी। एचएसपीसीबी ने अपने मुख्यालय में एक विशेष सेल का गठन किया है, जो उद्योगों में स्थापित OCEMS के माध्यम से प्रदूषण स्तर की लगातार निगरानी करेगा।
OCEMS और ETP में छेड़छाड़ करने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार ने हरियाणा एनवायरमेंट मैनेजमेंट सोसायटी (HEMS) द्वारा आयोजित एक सेमिनार में सोनीपत, पानीपत और करनाल के उद्योगपतियों को इस नई व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने चेतावनी दी कि OCEMS और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) में छेड़छाड़ करने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य
योगेश कुमार ने कहा कि हरियाणा के 14 जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आते हैं, इसलिए प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने उद्योगों में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस (APCD) लगाने पर जोर देते हुए कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। उन्होंने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। साथ ही पानीपत, सोनीपत और घरौंडा में टैंकरों के जरिए बिना उपचारित औद्योगिक अपशिष्ट को नालों और खुले खेतों में छोड़े जाने पर नाराजगी भी जताई।
खुले क्षेत्रों में प्रदूषित अपशिष्ट छोड़ने वाले टैंकरों को जब्त किया जाएगा
उन्होंने बताया कि जल्द ही ऐसी व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसके तहत जल स्रोतों और खुले क्षेत्रों में प्रदूषित अपशिष्ट छोड़ने वाले टैंकरों को जब्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पानीपत और करनाल के कई गांवों में भूजल का रंग लाल हो गया है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
यमुना एक्शन प्लान (YAP) तैयार
योगेश कुमार ने कहा कि यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए यमुना एक्शन प्लान (YAP) तैयार किया गया है और इसकी नियमित निगरानी केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah कर रहे हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से इस अभियान में सहयोग की अपील की। इस दौरान हरियाणा एनवायरमेंट मैनेजमेंट सोसायटी (HEMS) के अध्यक्ष Bhim Rana ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की औचक जांच को लेकर उद्योगपतियों में चिंता बनी हुई है।