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ऊर्जा एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को लगाई जमकर फटकार 

यमुनानगर: यमुनानगर के जगाधरी के अग्रसेन कॉलेज में शुक्रवार को जिला जनसंपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने की। बैठक के दौरान कुल 15 शिकायतों पर सुनवाई हुई, जिनमें 5 पुरानी और 10 नई शिकायतें शामिल रहीं। बिजली, नगर निगम, राजस्व, सड़क, पुलिस और टाउन प्लानिंग विभाग से जुड़े मामलों पर मंत्री ने अधिकारियों से सवाल जवाब किए और कई मामलों में मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए।
 

 यमुनानगर: यमुनानगर के जगाधरी के अग्रसेन कॉलेज में शुक्रवार को जिला जनसंपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने की। बैठक के दौरान कुल 15 शिकायतों पर सुनवाई हुई, जिनमें 5 पुरानी और 10 नई शिकायतें शामिल रहीं। बिजली, नगर निगम, राजस्व, सड़क, पुलिस और टाउन प्लानिंग विभाग से जुड़े मामलों पर मंत्री ने अधिकारियों से सवाल जवाब किए और कई मामलों में मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए।

अधिकारियों को लगाई जमकर क्लास

ग्रीवेंस कमेटी की इस  बैठक के दौरान लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे मंत्री अनिल विज और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखीं। इस बैठक में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई ना होने, शिकायतकर्ताओं को दफ्तरों के चक्कर कटवाने और विभागीय लापरवाही जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे। मंत्री अनिल विज ने अपने चिर-परिचित सख्त अंदाज में अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि जनता की शिकायतों का समय पर समाधान होना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासनिक अधिकारियों में मची हलचल

 गौरतलब है कि अनिल विज तुरंत निर्णय लेने और अधिकारियों से सीधे जवाब मांगने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल देखने को मिली। ग्रीवेंस कमेटी को सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद मंच माना जाता है, जहां आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है।

अगले महीने फिर आयोजित होगी बैठक

अनिल विज ने कहा कि अगले महीने के आखिरी शुक्रवार को फिर से यमुनानगर में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आज की शिकायतों के निपटान और विभागीय कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। जनता की शिकायतों का समय पर समाधान होना चाहिए। अधिकारी लोगों को दफ्तरों के चक्कर ना कटवाएं। जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां कार्रवाई की जाएगी।