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Haryana Electricity Bills: हरियाणा में बिजली ने दिया जोर का झटका, 4 गुना तक महंगी हुई बिजली, 900 वाला बिल 4000 तक आया

 
  Haryana Electricity Bills: हरियाणा में आम जनता जहां बिजली कटों से परेशान है वहीं दूसरी तरफ अब बिजली बिलों ने भी लोगों के पसीने छुड़ा दिये हैं। आम लोगों के जहां बिलों में बेहताशा बढ़ोत्तरी हुई है वहीं निगम ने अब फिक्स चार्ज भी जोड़ दिया है जिससे उपभोक्ताओं का बिल 4 गुणा ज्यादा बढ़ गया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने मई में बिजली दरें बढ़ा दी हैं। जून महीने में लोगों को भारी भरकम बिल मिले हैं। पंचकूला के लोगों का कहना है कि बिल चार गुना तक बढ़ गए हैं। निगम ने 75 रुपए प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज भी जोड़ दिया है। 10 किलोवाट कनेक्शन पर अब हर महीने 750 रुपए अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं।

फिक्स चार्ज वसूलने से बढ़ा बिल

पहले बिजली की दरें स्लैब वाइज तय थीं। 50 यूनिट या उससे अधिक खपत पर 2.50 रुपए से 6.30 रुपए प्रति यूनिट तक चार्ज लगता था। अब 5 किलोवाट से अधिक लोड होने पर 6.50 रुपए से 7.50 रुपए प्रति यूनिट तक वसूला जा रहा है। जिनका बिल पहले एक हजार रुपए आता था, अब नई दरों के हिसाब से 4 हजार तक आ रहा है।

व्यापारियों ने जताया विरोध

उधर, बहादुरगढ़ में कारोबारियों ने बिजली महंगी होने पर विरोध जताया। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने मीटिंग कर बिजली मंत्री अनिल विज को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में हरियाणा से काफी कम फिक्स चार्ज है। इसलिए सरकार को फिक्स चार्ज कम कर उद्योगों को राहत देनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो उद्योगों का पलायन होगा।

UHBVN ने कहा- घाटा पूरा करने के लिए दरें बढ़ाईं

UHBVN के सीनियर अफसरों का कहना है कि निगम ने 8 साल बाद बिजली की दरों में बढ़ोतरी की है। इससे पहले साल 2017 में बिजली की दरें बढ़ाई गई थी। इससे UHBVN का घाटा बढ़कर 4500 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इस घाटे को पूरा करने के लिए हरियाणा इलेक्ट्रि‌सिटी रेगुलेटरी कमिशन (HERC) बीते काफी समय से बिजली की दरों में बढ़ोतरी के लिए कह रहा था। ये घाटा हर साल बढ़ने के कारण HERC से UHBVN के अधिकारियों को कई बार लताड़ भी पड़ चुकी है। UHBVN ने अभी 3 हजार करोड़ रुपए का घाटा पूरा करने के लिए बिजली की दरें बढ़ाई हैं। इनमें से 2500 करोड़ रुपए इंडस्ट्री और कॉमर्शियल संस्थानों से मिलेंगे। रेजिडेंशियल एरिया से 500 करोड़ रुपए मिलेंगे।